उत्तर प्रदेश

लखनऊ में भाजपा और बसपा के एक साथ लगे झंडे

रिपोर्ट – रामकुमार यादव

लखनऊ में इन दिनों भाजपा और बसपा के झंडे सड़को पर साथ मे देखने को मिल रहे है। आमतौर पर अगर किसी दो राजनीतिक दलों के झंडे एक साथ लगाए जाते हैं तो कहीं न कहीं उसका तात्पर्य आपसी तालमेल का होता है ।

जब दो राजनीतिक दलों में गठबंधन होता है तो भी चुनावी रैलियों में वह दोनों राजनीतिक दल एक दूसरे नेताओं की फोटो और झंडे के साथ प्रचार प्रसार करते हैं । हालांकि यूपी में अभी चुनाव को एक साल बाकी है 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं उससे पहले लखनऊ की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बैनर पोस्टर के साथ जो झंडे एक साथ लगाए गए हैं वह कहीं न कहीं गठबंधन की पुष्टि भले न करे लेकिन माहौल वही दे रहे हैं।

लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा और बसपा के झंडे एक साथ देखने को मिल रहे है। यह अलग बात है कि दोनों दलों ने किसी भी प्रकार से गठबंधन नहीं किए हैं हर न ही किसी भी दल ने इसकी पुष्टि की है।

दोनों दलों के झंडे एक ही साथ लगाए गए हैं सभी झंडों में भाजपा के झंडों को जहां एक तरफ ऊंचाई देने की कोशिश की गई है वही बहुजन समाज पार्टी के झंडे भाजपा के झंडों के नीचे लगाए गए हैं खैर इसे संयोग मात्र भी कह सकते हैं लेकिन वैसे तो भाजपा की स्थिति प्रदेश और देश में बसपा से मजबूत है ऐसे में यदि भाजपा के झंडे ऊपर दिख रहे हैं तो किसी भी प्रकार की हैरानी नहीं है।

आमतौर पर इस तरह से झंडे चुनावी गठबंधन के बाद रैलियों में सड़कों पर लगाए जाते हैं लेकिन यूपी में न तो अभी चुनाव की घोषणा हुई है और न ही इन दोनों राजनीतिक दलों में किसी भी प्रकार का अधिकृत गठबंधन । यह अलग बात है भजपा इन दिनों लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक करने जा रही है तो वहीं बसपा अपने संस्थापक काशीराम की जयंती मनाने जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

11 − 1 =

Back to top button