उत्तर प्रदेश

लखनऊ में कूड़ा निस्तार व्यवस्था चीनी कंपनी के हवाले, व्यवस्था ध्वस्त, कोरोना काल मे घरो से नही उठ रहा कुडा

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

रिपोर्ट – रामकुमार यादव

फाइल फ़ोटो

लखनऊ में जहां एक तरफ कोरोना का प्रकोप है वही शहर में अधिकांश लोगो के घरों से कुडा नही उठ पा रहा यह आरोप लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने लगाया है। महासमिति के अध्यक्ष ने दैनिक जागरण द्वारा आयोजित प्रश्न प्रहर कार्यक्रम में फोन पर जनता की तरफ से नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी से सवाल के दौरान आरोप लगाते हुवे नगर आयुक्त से कहा कि महासमिति को शिकायतें मिल रही है कि आज लखनऊ में ज्यादातर लोगों के घरो से कूड़े नही उठ रहे, कारण बड़ी संख्या में आसामी चुनाव में वोट देने चले गए है ऐसे हालात में संक्रमण और फैल रहा है। नगर निगम के कुछ कर्मचारियों के भारोशे आज कोरोना काल मे कुडा उठाने की व्यवस्था चल रही है जबकिं लखनऊ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल के तहत कुडा निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगम में उस चाइनीज कंपनी को दिया है जिस चाइना ने विश्व स्तर पर कोरोना को फैलाने का काम किया है।

नगर निगम ने चाइनीज कंपनी इकोग्रीन को लखनऊ में न सिर्फ कुडा निस्तार की जिम्मेदारी थी बल्कि कूड़े से बिजली बनाने की व्यवस्था भी करनी थी लेकिन आज सभी व्यवस्था ध्वस्त है। ऐसी कंपनी को नगर निगम ने 30 साल के लिए ठेका दिया है और कार्य ठीक न होने के बावजूद उस चाइनीज कंपनी को हटाया नही जा रहा जबकिं कई बार नगर निगम के सदन में भी बड़ी संख्या में पार्षदों ने मुद्दा उठाया था फिर भी कोई कार्यवाही नही हुई और आज कुडा डिस्पोजल की व्यवस्था ध्वस्त है।

अजय कुमार द्विवेदी नगर आयुक्त

जिसके जबाब में नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि चाइनीज कंपनी को जहाँ तक काम देने की बात है तो यह शासन ने दिया है बाकी रही बात कुडा उठाने और उसके डिस्पोजल की तो कुछ दिक्कतें है लेकिन 2 महीने में व्यवस्था सही कर दिया जाएगा ।

सुशील कुमार तिवारी उर्फ पम्मी पार्षद

लखनऊ लाल कुआ वार्ड संख्या 24 के पार्षद सुशील कुमार तिवारी उर्फ पम्मी ने कहा आम जनता चाइनीज सामान का विरोध कर रही है कई टीबी चैनल और अखबारों ने चाइनीज विज्ञापनों का पिछले एक साल पहले विरोध कर दिया, समाज के लोग दीपावली पर चाइनीज लाइट के बजाय स्वदेशी दीये का प्रयोग किये, ऐसे हालात में क्या नगर निगम की जिम्मेदारी नही है कि उस चाइनीज कंपनी को बाहर का रास्ता दिखाए जिसने अपने समझौते को तोड़ा, कूड़े का डिस्पोजल नही किया, कूड़े से बिजली नही बनाया जिसकी वजह से आज कूड़े का ढेर लगा हुवा है।

दिलीप श्रीवास्तव पार्षद

पार्षद लखनऊ मैथलीशरण गुप्त वार्ड के पार्षद एवं भाजपा प्रवक्ता दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि इस चाइनीज कम्पनी इकोग्रीन का नगर निगम के सदन में उंन्होने विरोध किया था लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। इकोग्रीन ने कुडा डिस्पोजल की पूरी व्यवस्था को ध्वस्त कर रखा है लेकिन अधिकारी खामोश है। यह अपने मे बड़ा सवाल है।

संतोष राय पार्षद

लखनऊ भवानी गंज के पार्षद संतोष राय ने कहा कि इकोग्रीन की वजह से पूरी व्यवस्था खराब हुई है,हमारे क्षेत्र में जो कुछ कार्य हो रहा है वह हमारे नगर निगम के कर्मचारियों की वजह से हो रहा है। रही बात चाइनीज कंपनी के विरोध का तो हमने नगर निगम के सदन में मुद्दा उठाया था, क्या चाइनीज सामान के विरोध का जिम्मा सिर्फ आम जनता है, आखिर नगर निगम क्यो नही जनहित में चाइनीज कंपनी को हटाने का काम कर रही और प्रधानमंत्री जी की सोच स्वदेशी को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है उंन्होने आरोप लगाते हुवे कहा इस सबके पीछे बड़ा भ्रस्टाचार है।

ममता चौधरी पार्षद

लखनऊ मालवीय नगर की पार्षद ममता चौधरी ने कहा चाइनीज कंपनी इकोग्रीन की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने के कारण मैंने अपने क्षेत्र में इकोग्रीन को हटाकर अपने कर्मचारियों से काम शुरु करा दिया है अब मेरे क्षेत्र में कुडा उठाने की कोई समस्या नही है अभी तक जो समस्या थी वह सिर्फ व सिर्र इकोग्रीन की वजह से थी । शासन को तत्काल चाइनीज़ कंपनी इकोग्रीन को लखनऊ से बाहर करना चाहिए।

उमाशंकर दुबे अध्यक्ष लखनऊ जनकल्याण महासमिति

लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने नगर निगम के इस फैसले का विरोध किया है। महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने लखनऊ से चाइनीज हटाओ देश बचाओ का नारा देते हुवे कहा महासमिति इस मामले में लखनऊ के पार्षदों के साथ है। पार्षद एक जनप्रतिधि होते है जनता को उनसे उम्मीदें रहती है, एक दिन भी कुडा न उठे तो जनता पार्षद को फोन करती है क्योकि पार्षद और उसके क्षेत्र की जनता का सीधा संवाद रहता है ऐसे में कुडा न उठने के कारण न सिर्फ क्षेत्र में अव्यवथा रहती है बल्कि पार्षदों की स्थिति भी जनता के बीच खराब होती है। लखनऊ के अधिकांश पार्षद कुडा डिस्पोजल की व्यवस्था से पीड़ित नजर आए। उमाशंकर दुबे ने कहा महासमिति लखनऊ में कुडा डिस्पोजल को लेकर कोर्ट का सहारा लेगी।

फाइल फोटो

लद्दाख के गलवान घाटी में चीन की घटना और कोरोना को लेकर भारत में चीन के खिलाफ जबरजस्त विरोध है। भारत सरकार ने भारतीय रेलवे ने चीनी कंपनी से अपना करार खत्म कर दिया था . 2016 में चीनी कंपनी से 471 करोड़ का करार हुआ था, जिसमें उसे 417 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर सिग्नल सिस्टम लगाना था.इतना ही नही सैकड़ो करार ऐसे थे जिसे न सिर्फ भारत सरकार ने समाप्त किया बल्कि जनता ने भी चीन के सामान की खरीद को बंद कर दिया है ऐसे नगर विकास विभाग की चीन की कंपनी इकोग्रीन के अनुबंध को समाप्त करने के पीछे कौन सी मजबूरी है यह बड़ा सवाल है जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने ग्वालियर से इकोग्रीन कंपनी के अनुबंध को समाप्त कर दिया है।

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