उत्तर प्रदेश

लखनऊ बक्शी का तालाब विधानसभा सीट पर इस बार 88 गाँवो के विकास सहित लखनऊ में 2 नगर निगम का मुद्दा

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

लखनऊ – उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ की बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा साल 2007 से पहले महोना विधानसभा क्षेत्र में आता था। इस इलाके से लगातार ब्राह्मण, ठाकुर और यादव वर्ग के प्रत्याशी जीतते आए हैं। बीकेटी इलाके में यूं तो कई वर्गों के मतदाता बड़ी संख्या में हैं, लेकिन कम संख्या वाले ब्राह्मण और मुस्लिम वर्ग ज्यादा निर्णायक साबित होते रहे हैं। लेकिन इस बार समीकरण कुछ अलग नजर आ रहा है।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे के मुताबिक, इस बार 88 गाँवो के विकास का मुद्दा प्रमुख है। इस बार खासकर उस गांव के मतदाता जाती धर्म से ऊपर उठकर विकास को मुद्दा बना रहे है जो पिछले दिनों नगर निगम में तो शामिल हो गए लेकिन विकास नही हुवा। उमाशंकर दुबे ने बताया कि इन गांवों में अब न तो प्रधानी व्यवस्था है और न ही पार्षद, ऐसे में पिछले 2 सालों से साफ सफाई से लेकर सड़क, पानी, नाली और खड़ंजा जैसे मुद्दे है जो जनता में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुवा है ।

सबसे बड़ी बात है 88 गांव के लोगो की सुविधाओं को लेकर लखनऊ जनकल्याण महासमिति पिछले 2 वर्ष से मुहिम शुरू की है जिसमे 88 गांव के ग्राम प्रधान और वहां की जनता शामिल है। यह सब मुद्दा इस बार बीकेटी में पहली बार देखने को मिलेगा ऐसे हालात में गोमती नगर विस्तार सहित 88 गांवो के मतदाता जिस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे, जीत का सेहरा उसके सिर बंधेगा। कई पार्टियों के पदाधिकारियों का मानना है कि बीकेटी विधानसभा सीट इस समय 88 गांवो के मुद्दे के कारण जिले की सबसे कठिन चुनाव वाली सीट हो गयी है। इस क्षेत्र में कई जातियों का मिलाजुला असर है। ऐसे में कुछ खास वर्ग उपरोक्त मुद्दों के साथ जिस ओर मुड़ जाता है, जीत उसी प्रत्याशी की होती है। ब्राह्मण, ठाकुर और ओबीसी के साथ साथ 88 गांवो का मुद्दा बीकेटी में वोट गेमचेंजर साबित होते हैं।
जानकारों के मुताबिक, बीकेटी क्षेत्र में करीब एक लाख यादव वोटर हैं। रावत वर्ग के 70 से 80 हजार तो गौतम वर्ग के 25 से 30 हजार मतदाता हैं। इसी तरह करीब 35 हजार ठाकुर, 40 से 45 हजार लोधी मतदाता और अन्य बैकवर्ड वर्ग के 50 से 60 हजार मतदाता हैं। वहीं, करीब 40 हजार ब्राह्मण और 30 से 35 हजार मुस्लिम मतदाता हैं। इसके साथ साथ गोमती नगर विस्तार की बहुमंजिली इमारतों और 88 गाँव के मतदाताओं वोट सामुहिक मुद्दों पर जिधर मुड़ेंगे जीत, उसी उम्मीदवार की होगी।

चुनावी पिच तैयार करने में जुटे दावेदार

बीकेटी विधानसभा सीट पर सभी प्रमुख दलों सपा, भाजपा, कांग्रेस, आप और बसपा ने अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। भाजपा ने योगेश शुक्ला तो सपा ने पूर्व विधायक गोमती यादव को प्रत्याशी बनाया है। वही आप ने यहां पंकज यादव और बसपा ने सलाउद्दीन सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस ने लल्लन कुमार को प्रत्याशी बनाया है।

हालांकि सपा और भाजपा ने अपने प्रत्याशियों के चयन में इतना देर लगा दिया कि नामांकन के आखिरी तिथि के 2 दिन पहले अपने अपने प्रत्याशी घोषित किये जिसके कारण दोनों दलों के प्रत्याशी क्षेत्र में प्रचार तक नही कर सके अब दोनों दल के प्रत्याशी नामांकन के बाद ही क्षेत्र में जाएंगे ऐसे में देखना होगा कि कितने क्षेत्रों को कवर कर सकेंगे । हालांकि माना जा रहा है कि यह दोनों अपनी अपनी पार्टी के विचारधारा के साथ ही मतदान की उम्मीद में है वही कांग्रेस प्रत्याशी पिछले 3 साल से जनता के बीच मे है ऐसे में बीकेटी का सायद ही कोई ऐसा क्षेत्र होगा जहां लल्लन न पहुचे हो लेकिन देखने वाली बात होगी कि अपने संघर्ष में 3 साल से जनसम्पर्क में रहे लल्लन कुमार मतदाताओ को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए किंतना प्रेरित कर सकेंगे। बसपा ने पहले ही अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार दिया था वही आप ने भी अपने प्रत्याशी को पिछले दिनों बीकेटी की जिम्मेदारी दे दिया था।

जानिए क्या कहती हैं पार्टियां

अविनाश त्रिवेदी, बीजेपी विधायक, बीकेटी कहते हैं, ‘पांच साल के कार्यकाल में पिछले साल तक करीब 498 करोड़ के विकास कार्य करवाए। पिछले सप्ताह ही बीकेटी से कुम्हरावां रोड के चौड़ीकरण के लिए 22.90 करोड़ जारी हुए हैं। कई और सड़कों के लिए बजट जारी हुआ है। बीकेटी में एक पॉलिटेक्निक भी बन रहा है। 100-100 करोड़ की दो गोशालाएं बन रही हैं।’ हलाकि इन सबके बावजूद भाजपा ने इनका टिकट काट कर इनकी जगह योगेश शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। पंकज यादव, आप उम्मीदवार के अनुसार, ‘शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। अस्तपाल कम हैं। विकास कार्य के नाम पर केवल राजनीति की गई है। मुझे जनता ने चुना तो विधायक जनता से मिलने जाएगा, न कि जनता को विधायक से मिलने आना पड़ेगा। टॉल फ्री नंबर जारी करेंगे, जिसके जरिए हर समस्या का समाधान होगा।’ कांग्रेस प्रत्याशी लल्लन कुमार कहते हैं, मैं यहां कोई चुनाव लड़ने के लिए नही आया बल्कि पिछले 3 साल से क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहा हूँ । गोमती नगर विस्तार के यमुना अपार्टमेंट का निवासी हूँ जो बीकेटी क्षेत्र का ही हिस्सा है। बूथ स्तर पर भी कार्यकर्तओं ने प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। बीकेटी में कांग्रेस काफी मजबूत हुई है और इस बार सीट भी जीतेगी।’ इसका सबसे बड़ा कारण की 88 गांवो की जनता के लिए संघर्ष कर रहा हूँ। लल्लन कुमार कहते है लखनऊ जनकल्याण महासमिति का मुद्दा लखनऊ में 2 नगर निगम सहित 88 गांवो का विकास उनकी प्रमुखता में है जिसके कारण जनता में मेरी लोकप्रियता है।वही बसपा बीकेटी में सलाउद्दीन सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया गया है। सलाउद्दीन ने कहा कि बीजेपी के मौजूदा विधायक ने क्षेत्र की जनता की अनदेखी की है।

इलाके के मतदाताओं के बीच बीजेपी और उनके विधायक के खिलाफ काफी आक्रोश है।’ हलाकि भाजपा ने तो अब उन्हें अपना प्रत्याशी ही नही बनाया। सपा ने गोमती यादव को प्रत्याशी बनाया है गोमती यादव कहते हैं, क्षेत्रीय विधायक ने अपने खास लोगों को ही फायदा पहुंचाया है। जनता सपा के उम्मीदवार को चुनने का मन बना चुकी है। सपा सरकार ने ही अब तक जनता से जो वायदे किए थे, वे पूरे किए गए। इस बार भी यही होगा।’ गोमती यादव भी लखनऊ जनकल्याण महासमिति के 2 नगर निगम बनाने सहित 88 गांव के विकास को प्रमुखता दे रहे है।

बीकेटी सीट पर वर्ष 2017 में अविनाश त्रिवेदी – भाजपा से और वर्ष 2012 – गोमती यादव – सपा से विजेता रहे है। इससे पहले इस सीट का ज्यादातर हिस्सा महोना में था। अब अगर हम बात करे महोना सीट की तो वर्ष 2007- नकुल दुबे- बसपा,2002- राजेंद्र यादव- सपा,1996- गोमती यादव- भाजपा,1993- राजेंद्र यादव- सपा, 1991- गोमती यादव- भाजपा, 1989- विनोद चौधरी- कांग्रेस, 1985- भगौती सिंह- निर्दलीय, 1980- चंद्रशेखर त्रिवेदी- कांग्रेस, 1977- भगौती सिंह- जनता पार्टी, 1974- रामपाल त्रिवेदी- कांग्रेस, 1969- रामपाल त्रिवेदी- कांग्रेस, 1962- सुखलाल- जनसंघ विजेता रहे।
वर्ष 2017 में अविनाश त्रिवेदी, बीजेपी को – 96,482 वोट मिले वही नकुल दुबे, बसपा को 78,898- वोट, गोमती यादव, सपा को 74,995- वोट और राजेंद्र यादव, लोकदल को 4283- वोट मिले। इस चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इस सीट पर वर्ष 2017 में 66.88% यानी 2,64,762 वोट पड़े थे । वर्तमान में 2022 के मतदान की तैयारी चल रही है। बीकेटी में कुल 510 बूथ बनाए गए हैं ।

बीकटी विधानसभा क्षेत्र में 262 मतदान केंद्र हैं जिसमे मतदाता सूची में अबतक कुल 4,51,726 मतदाता जुड़े हैं जो अपने प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे।

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