उत्तर प्रदेश

कोरोना काल मे प्रदेश के वृद्धाश्रमों की उपेक्षा, महासमिति ने मुख्यमंत्री से की शिकायत

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

रिपोर्ट – विवेक शर्मा

लखनऊ – कोरोना काल मे वृद्धाश्रमों में कोई सुनवाई नही हो रही है ऐसे में असहाय बुजुर्गों के लिए कोई व्यवस्था नही है। यह आरोप लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने लगाया है। महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने इस मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत भी की है। उमाशंकर दुबे ने कहा यह हाल केवल सरकारी फंडिंग वृद्धाश्रमों की ही नही है बल्कि पेड़ वृद्धाश्रमों में भी मोटी रकम देने के बावजूद कोई व्यवस्था नही है। लखनऊ जनकल्याण महासमिति की टीम ने इस संबंध में सरकारी फंडिंग के साथ साथ निजी स्तर से पेड़ वृद्धाश्रमों का जायज़ा लिया तो जो हालात सामने आयी वह बेहतद चौकाने वाली थी।

समर्पण वरिष्ठजन परिसर,आदिल नगर,राम धर्म कांटा के पास,कल्याणपुर, लखनऊ में निजी स्तर से भुकतान के आधार पर चल रहे वृद्धाश्रम पहुची तो पता चला वहां 40 वरिष्ट नागरिक रहते है ध्यान देने वाली बात है यह सभी वह लोग है जो या तो बड़े बड़े पदों पर रहे है और आज उनका कोई नही है और वह पैसे देकर यहां रहते है दूसरे वह है जिनके बच्चे विदेशो में है या बाहर है वह अपने परिजनों को यहां पैसे देकर रखे हुवे है लेकिन आज कोरोना काल मे उन्हें कोई दवा की जरूरत हो तो भी उन्हें खुद का ही सहारा लेना पड़ता है, यहां न तो प्रबंधन की तरफ से कोई व्यवस्था है और न ही सरकारी स्तर से सेनेटाइजेसन फॉगिंग आदि की कोई व्यवस्था है।

इतना ही नही इनके कोविड जांच आदि की भी कोई अलग से व्यवस्था नही है जिससे इन बुजुर्गों को कोई मदत मिल सके। यह तो एक मात्र उदाहरण है हालात कमोवेश लखनऊ सहित यूपी के सभी वृद्धाश्रमों के यही है। उमाशंकर दुबे ने बताया कि लखनऊ जनकल्याण महासमिति के सज्ञान में लाया गया है कि प्रदेश के 12 जिलों के वृद्धाश्रमों का नवीनीकरण आपत्तियों के फेर में फंस गया है । पिछले साल नवंबर से फाइल शासन में अटकी है । ऐसे में नए वित्तीय वर्ष में नवीनीकरण नहीं होने से भुगतान रुका तो इन वृद्धाश्रमों का संचालन प्रभावित होगा । गौरतलब है कि प्रदेश के 58 जिलों में चल रहे वृद्धाश्रमों का 3 से 5 साल के लिए नवीनीकरण कर दिया गया है । पांच अन्य जिलों में नए वृद्धाश्रम खोले गए गए हैं । वहीं , 12 जिलों जिसमे कुशीनगर , बरेली , ललितपुर , चंदौली , फतेहपुर , कन्नौज , हरदोई , अलीगढ़ , हाथरस , हाथरस , कासगंज , हमीरपुर और मैनपुरी में वृद्धाश्रमों के संचालन की फाइल पर अनुमति पिछले अक्तूबर में दी गई थी । इसके बाद नवीनीकरण के लिए फाइल शासन को भेजी गई , मगर अभी तक नवीनीकरण की अनुमति नहीं दी गई और न ही फाइल को अस्वीकार ही किया गया है । ऐसे में अगर वित्त विभाग ने बिना नवीनीकरण भुगतान पर आपत्ति लगा दी तो इन वृद्धाश्रमों का संचालन इस कोरोना काल मे मुश्किल हो जाएगा और इसका खामियाजा बेसहारा बुजुर्गों को भुगतना पड़ेगा । उमाशंकर दुबे ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कोरोना काल में वृद्धाश्रमों में बेहतर व्यवस्था के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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