उत्तर प्रदेश

एलडीए में अवैध निर्माण की ठेकेदारी के खिलाफ जोनल व्यवस्था लागू करने की दिशा में एलडीए वीसी का पहला कदम, सील बिल्डिंगों का निरीक्षण कर जेई को हर हफ्ते देनी होंगी रिपोर्ट, अफसरों की जिम्‍मेदारी भी तय

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी लखनऊ– अवैध निर्माण का ठेका लेकर सूबे की राजधानी की सूरत बिगाड़ने और एलडीए को बदनाम करने वाले इंजीनियर, अफसर व कर्मचारियों को आने वाले समय में दिक्‍कत होगी। सोमवार को नवागत एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी ने अधिशासी अभियंताओं व अफसरों के साथ बैठक में इस बात के संकेत देते हुए सख्‍त निर्देश जारी किए है। लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने जोनल प्रणाली लागू करने की मांग की थी।इस संबंध में महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने एलडीए वीसी को पत्र लिखकर कहा था कि अन्य प्राधिकरणों की तर्ज पर अवैध निर्माण रोकने के एलडीए में जोनल प्रणाली लागू करना जरूरी है। हलाकि अभी जोनल व्यवस्था तो नही लागू हुई है लेकिन एलडीए वीसी की इस पहल को जोनल प्रणाली से जोड़कर देखा जा सकता है। नई व्यवस्था के तहत अब इंजीनियर व विहित प्राधिकारी को चल रहे अवैध निर्माण पर न सिर्फ प्रभावी ढंग से लगाम लगा सकेंगे, बल्कि पूर्व में सील हुई बिल्डिंगों में भी निर्माण व फीनिशिंग के काम न हो इसकी भी निगरानी होगी । हालांकि इसमें मुख्‍य भूमिका जूनियर इंजीनियर निभाएंगे। जेई अपने क्षेत्र की सील बिल्डिंगों का हर हफ्ते स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। जिसकी निगरानी जोन के विहित प्राधिकारी तथा अधिशासी अभियंता द्वारा की जायेगी।

यह नई व्यवस्था में एलडीए वीसी सफल तो जनता को मिलेगी बड़ी राहत

बैठक में आज यह आदेश जारी करते अक्षय त्रिपाठी ने मातहतों के सामने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि वह खुद भी हर 15 दिन में बैठक कर इस कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। उपाध्यक्ष के इस फैसले के खिलाफ अगर कुछ इंजीनियर, अफसर व कर्मचारियों के चर्चित गठजोड़ ने रोड़ा नहीं अटकाया तो अवैध निर्माण व सील बिल्डिंगों में निर्माण व फिनिशिंग कराने की न सिर्फ गुंजाईश समाप्‍त हो जाएगी, बल्कि अवैध निर्माण से त्रस्‍त आम जनता को भी काफी राहत मिलेगी।

इस बारे में अक्षय त्रिपाठी ने निर्देशित किया है कि एलडीए के सभी सातों जोन में सील बिल्डिंगों व निर्माणकर्ताओं का ब्यौरा तथा इनसे संबंधित वाद संख्या की पूरी सूची तैयार की जाए। सूची के आधार पर जेई अपने क्षेत्र के सील व्यावसायिक एवं आवासीय भवनों का हर हफ्ते निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करायेंगे कि इन स्थानों पर किसी भी तरह का कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा।

अवैध निर्माण रोकने क्षेत्र में निकले विहित प्राधिकारी-एक्‍सईएन

आज बैठक में वीसी ने विहित प्राधिकारी तथा अधिशासी अभियंताओं की यह भी जिम्‍मेदारी तय करते हुए कहा है कि वह खुद भी फील्ड में निकलकर अवैध निर्माणों चिन्हित कर कार्रवाई कराएं। साथ ही हर 15 दिन में अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उनके सामने प्रस्तुत करें।

अमित राठौर नोडल अफसर नियुक्‍त 

बैठक में प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार गंगवार ने शासन को भेजे जाने वाली प्रवर्तन से संबंधित सूचनाओं को पोर्टल पर समय से अपडेट करने का मुद्दा उठाया। जिसपर उपाध्यक्ष ने विहित प्राधिकारी अमित राठौर को नोडल अधिकारी नियुक्‍त करते हुए कहा कि सभी जोन के अधिकारी अपने क्षेत्र की मासिक प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर समय से अपलोड करें। जिसकी समीक्षा अमित राठौर द्वारा की जायेगी।
इसके अलावा वीसी ने विधिक प्रक्रिया का फ्लो चार्ट तैयार करने के साथ ही जिन बिल्डिंगों का ध्वस्तीकरण आदेश जारी हो चुका है, उनकी मौजूदा स्थिति का ब्यौरा भी तैयार करने को अफसरों को निर्देश दिए है। एलडीए वीसी के इस निर्णय से विहीप प्राधिकारी की ताकत बढ़ेगी। एलडीए सूत्रों की माने तो एलडीए वीसी ने जिम्मेदार अभियानों को एक बड़ी राहत दी है यदि अभी भी अभियंता अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव नही लाये तो एलडीए वीसी का अगला कदम जोनल व्यवस्था लागू करने की होगी जिसमें अधिशासी अभियंता का रोल समाप्त हो जाएगा और जेई और एई सीधे विहीप प्राधिकारी को रिपोर्ट करेंगे उनकी शिफ्टिंग का भी अपने जोन में विहिप प्राधिकारी का अधिकार होगा।

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