उत्तर प्रदेश

आपदा में अवसर तलाशने वाले निजी अस्पतालों पर रोशन जैकब की कार्यवाही। लखनऊ के तीन अस्पतालों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने के दिए निर्देश

रोशन जैकब ने लखनऊ के तीन अस्पतालों के विरूद्ध एपेडमिक डिसीसेज एक्ट -1897 एवं उत्तर प्रदेश महामारी कोवङ -19 विनियमावली . 2020 के निहित प्राविधानों के तहत् एफ आई आर दर्ज कराते हुए दण्डात्मक कार्यवाही के लिए निर्देश

इन अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों की दूसरे चिकित्सालयों में जिला कमाण्ड सेंटर के माध्यम कराने के दिए निर्देश

सीएमओ से कहा सुनिश्चित करे भर्ती मरीजों को किसी प्रकार की न होने पाए असुविधा

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी लखनऊ – आपदा में अवसर तलाशने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ कोविड लखनऊ कोविड प्रभारी अधिकारी रोशन जैकब की कार्यवाही तेज हो गयी है आज उंन्होने लखनऊ के तीन अस्पतालों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने के दिए निर्देश दिए है। गौरतलब है कि रोशन जैकब आज डा सुनील पाण्डेय , ज्वाइंट डायरेक्टर स्वास्थ्य , डा के डी मिश्रा उप मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ कोविड चिकित्सालय जे पी हॉस्पिटल , कुर्सी रोड़ , मैक्वेल हॉस्पिटल गोमतीनगर का निरीक्षण किया गया ।

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि जे पी हॉस्पिटल द्वारा उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनुभाग -5 के शासनादेश संख्या 696 – पॉच -5 / 2021 दिनोंक 13 अप्रैल , 2021 के प्राविधानों के विरुद्ध कोविड -19 के मरीजों से अधिक धनराशि वसूली जा रही है । शासनादेश के अनुसार टेस्ट एवं प्रयोगात्मक उपचार के अलावा कोविड उपचार के सभी मद यथा – दवाइयाँ पीपी किट , ऑक्सीजन , बेड , भोजन , डाक्टर कन्सलटेंसी , नसिंग चार्जेज , इमेजिंग इत्यादि निर्धारित पैकेज में शामिल हैं । इस अस्पताल द्वारा निर्धारित मदों से भिन्न डाक्टर कन्सलटेंसी , नसिंग चार्जेज , रजिस्ट्रेशन चार्जेज . मैनेजमेण्ट चार्ज , प्रोफेशनल चार्जेज इत्यादि मदों में भुगतान लिया जाना पाया गया ।

जिला प्रशासन द्वारा ऑक्सीजन वरीयता पर उपलब्ध कराये जाने के बावजूद ऑक्सीजन चार्जेज मरीजों से पृथक से लिया जा रहा है , जो कि अत्यन्त आपत्तिजनक है । एक बिल में 60 86,400 / – दूसरे में 10 38,400 / – और तीसरे बिल में रू 0 23,800 / ऑक्सीजन की दरों के नाम पर मरीजों से वसूला गया है । कई बिल्स की मूल प्रति भी अस्पताल में पाया गया , जो कि मरीज को उपलब्ध करायी जानी चाहिए थी । वही मैक्वेल हॉस्पिटल में निरीक्षण टीम द्वारा पूँछे जाने पर हॉस्पिटल प्रबन्धन मरीजों के विधिवत् डिस्चार्ज समरी , दवा के बिल्स , बी एच टी इत्यादि व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध नहीं करा पाये । उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये बिल बुक में दर्शाये गये ब्योरे के अनुसार कोविड मरीजों से अधिक धनराशि वसूला जा रहा है , जिसमें निर्धारित पैकेज के अतिरिक्त डाक्टर कन्सलटेंसी , प्रोशीजरल चार्जेज इत्यादि पृथक से जोड़ा गया है ।

सर्वाधिक आपत्तिजनक यह है कि दवाओं के नाम पर बहुत अधिक धनराशि अलग से वसूला जा रहा है । उदाहरण स्वरूप एक मरीज मालती पाण्डेय , जो इस अस्पताल में 08 मई , 2021 को भर्ती हुई तथा 09 मई , 2021 को डिस्चार्ज हो गई . उनसे रू 0 56,000 / – इलाज के लिए शुल्क तथा लगभग 1,10,000 / – दवा के मद में वसूल किये गये हैं । इससे यह प्रतीत होता है कि इस अस्पताल द्वारा शासनादेश का खुला उल्लंघन करके कोविड मरीजों का दोहन किया जा रहा है । रोशन जैकब ने बताया कि उनके द्वारा दिये गये आदेश के क्रम में अपूर्वा यादव , विशेष कार्याधिकारी , राजस्व परिषद , उ प्र , डा सुनील पाण्डेय , संयुक्त निदेशक , स्वास्थ्य तथा डा के डी मिश्रा , उप मुख्य चिकित्साधिकारी , लखनऊ द्वारा संयुक्त रूप से देविना हॉस्पिटल , फैजाबाद रोड का निरीक्षण किया गया ।

निरीक्षण रिपोर्ट के अवलोकन से यह स्पष्ट हो रहा है कि इस हास्पिटल द्वारा कोविड मरीजों का इलाज विधिवत् जाँच एवं कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन किये बिना , किया जा रहा है । साथ ही मरीजों से विभिन्न मदों में अत्यधिक धनराशि वसूला जा रहा है , रोशन जैकब ने सीएमओ को जारी निर्देश में कहा है कि उपरोक्त कृत्य शासन द्वारा निर्धारित कोविड इलाज पैकेज के सर्वथा विपरीत हैं । उपरोक्त के कम में यह आवश्यक है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उपरोक्त तीनों अस्पतालों के विरूद्ध एपेडमिक डिसीसेज एक्ट -1897 एवं उत्तर प्रदेश महामारी कोवङ -19 विनियमावली . 2020 के निहित प्राविधानों के तहत् एफ आई आर दर्ज कराते हुए दण्डात्मक कार्यवाही की जाये , साथ ही इन अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों की यथोचित चिकित्सालयों में भर्ती जिला कमाण्ड सेंटर के माध्यम से करायी जाये । यह भी सुनिश्चित कराया जाये कि भर्ती मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े ।

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