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अजिंक्य रहाणे ने आलोचकों की बोलती बंद की, दिया करारा जवाब

नई दिल्ली. भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने उनकी फार्म (बल्लेबाजी लय) को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में आलोचकों से कहा कि वे उनके पिछले 15 मैचों के रिकॉर्ड की जांच कर लें.रहाणे ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न में खेले गये दूसरे टेस्ट मैच में शतक लगाने के बाद बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे है और इंग्लैंड के खिलाफ यहां पहले टेस्ट मैच को 227 रन से गंवाने के बाद कप्तान विराट कोहली ने भी रहाणे का बचाव किया था.

रहाणे ने इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट से पहले कहा, ‘हम लगभग दो सालों के बाद घरेलू मैदान पर (टेस्ट) खेल रहे हैं. अगर आप पिछली घरेलू सीरीज के स्कोर को देखेंगे तो शायद वहां कुछ (बड़ा स्कोर) मिल जाए.’ रहाणे ने 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उस श्रृंखला के एक मैच में 59 और 115 रन की पारियां खेली थी. उन्होंने कहा, ‘ यह किसी व्यक्तिगत प्रदर्शन की जगह टीम के प्रदर्शन के बारे में है और मेरा ध्यान इस पर रहता है कि मैं टीम के लिए योगदान कैसे कर सकूं. अगर आप पिछले 10-15 टेस्ट मैचों के आंकड़े देखेंगे तो शायद आपको कुछ रन दिख जाएं.’

विराट कोहली कप्तान बने रहेंगे- रहाणे
पिछले 15 टेस्ट में लगभग 1000 रन बनाने वाले उपकप्तान ने कहा,’बाहरी दुनिया में क्या हो रहा है, इस पर मेरा ध्यान नहीं रहता है.’ रहाणे इस संवाददाता सम्मेलन में एक मंझे हुए खिलाड़ी की तरह दिखे जो रह सवाल का जवाब चतुराई से दे रहा था. उनसे जब पूछा गया कि पहले टेस्ट में खिलाड़ियों का ‘बॉड़ी लैंग्वेज (भाव-भांगिमा)’ सकारात्मक नहीं लग रही थी क्या यह कप्तानी में बदलाव के कारण था. उन्होंने कहा, ‘ खेल में जब आपकी ऊर्जा थोड़ी कम हो जाए तो ऐसा होता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि यह कप्तानी में बदलाव के कारण हुआ है. मैंने पहले भी कहा है कि विराट हमारे कप्तान है और रहेंगे.’उन्होंने कहा, ‘अगर आप खोद कर कुछ मसाला निकालना चाह रहे है तो, दुर्भाग्य से आपको वह नहीं मिलेगा. बॉडी लैंग्वेज के नकारात्मक होने के कई कारण होते है पहले टेस्ट में शुरूआती दो दिनों के विकेट के कारण ऐसा हो सकता है. कई और कारण भी हो सकते है.’ चेतेश्वर पुजारा की ऑस्ट्रेलिया में बेहद धीमी बल्लेबाजी के बाद भारत में उनकी बल्लेबाजी में आये बदलाव के बारे में पूछे जाने पर रहाणे ने कहा, ‘ टीम में उनकी बल्लेबाजी को लेकर कोई सवाल नहीं करता है. लोग बाहर क्या कहते है इसका कोई फर्क नहीं पड़ता.’ उन्होंने बताया, ‘वह जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया में खेले और यहां खेल रहे हैं वह हमारे लिये काफी जरूरी है. उन्हें लगभग 80 टेस्ट मैच खेले है और अपने खेल के बारे में वह अच्छे से जानते है, उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठ सकता.’

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