लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरी विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों के विकास के लिए ₹425 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह फैसला उत्तर प्रदेश के शहरी ढांचे को पूरी तरह बदलने वाला साबित हो सकता है।
किन 8 शहरों को मिलेगा फायदा?
नए शहरों जैसे बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ में विकास के लिए यह धनराशि स्वीकृत की गई है। इन शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ आधुनिक आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
इन शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन में आने वाले खर्च का अधिकतम 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराएगी। यानी सरकार सीधे जमीन खरीदने में मदद करेगी, जिससे विकास कार्य तेज गति से हो सके।
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₹3000 करोड़ का बड़ा बजट प्रावधान
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए कुल ₹3000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें से पहले चरण में ₹425 करोड़ जारी किए जाएंगे। यह राशि इस बात का संकेत है कि सरकार आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश के शहरी विकास पर ध्यान देगी।
यूपी बजट 2026-27 में नए टाउनशिप प्रोजेक्ट्स के लिए ₹3,500 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। सरकार का फोकस लखनऊ, आगरा, मेरठ और बुलंदशहर जैसे शहरों पर भी है।
मध्यम और निम्न आय वर्ग को सीधा फायदा
इस योजना का मकसद स्टेपवाइज तरीके से नए शहर बसाना और भीड़भाड़ कम करना है। इससे मिडिल क्लास और लोअर इनकम क्लास को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री अर्बन एक्सपेंशन और न्यू सिटी प्रमोशन स्कीम है
पुराने भवनों को भी मिलेगी नई जिंदगी
योगी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026’ भी लागू कर दी है। इस नीति का मकसद 25 वर्ष या उससे अधिक पुराने भवनों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधायुक्त रूप में पुनर्विकसित करना है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद शहरी एवं नियोजन विभाग द्वारा इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। Government of Uttar Pradesh
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सरकार ने पुनर्विकास के लिए तीन मॉडल तय किए हैं — पहला शासकीय एजेंसी द्वारा सीधे काम कराना, दूसरा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल और तीसरा सोसायटी या एसोसिएशन द्वारा स्वयं पुनर्विकास। Government of Uttar Pradesh
मेगा प्लान: 2026 से 2031 तक ₹1.29 लाख करोड़ खर्च करेगी सरकार
योगी सरकार ने 2026 से 2031 तक यूपी के शहरों को आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए ₹1.29 लाख करोड़ की मेगा योजना तैयार की है। इसमें सड़क, जलनिकासी, सीवरेज, पेयजल, हरियाली, डिजिटल सेवाएं और महिलाओं-बुजुर्गों की सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं।
लखनऊ की बदलेगी सूरत
सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने लखनऊ नगर निगम के लिए ₹2,278.34 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। सरकार की ओर से लखनऊ की साफ-सफाई हेतु ₹300 करोड़ और सड़कों के निर्माण हेतु ₹326 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
रोजगार के नए अवसर
हाउसिंग प्रोजेक्ट से सीमेंट, ईंट और अन्य कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट की मांग बढ़ेगी। इससे स्थानीय MSME को काम मिलेगा और मेरठ व बुलंदशहर जैसे शहर निवेश के नए केंद्र बन सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में शहरी विकास की यह लहर आम जनता के जीवन स्तर को सीधे बेहतर बनाएगी। नए शहर, आधुनिक आवास, बेहतर सड़कें और रोजगार के नए अवसर — योगी सरकार का यह विज़न प्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।