देश में LPG सप्लाई पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए केरोसिन की अस्थायी वापसी का फैसला लिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और Strait of Hormuz से सप्लाई प्रभावित होने के कारण घरेलू गैस की उपलब्धता पर असर पड़ा है। इसी को देखते हुए सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को PDS (राशन दुकानों) के जरिए अतिरिक्त केरोसिन उपलब्ध कराने की 60 दिन की राहत योजना शुरू की है।
क्यों आई यह स्थिति?
LPG की कमी से बढ़ी केरोसिन की मांग भारत अपनी घरेलू LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका अधिकांश हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। हाल के भू-राजनीतिक तनाव के कारण कई LPG जहाज प्रभावित हुए, जिससे सिलेंडर सप्लाई पर दबाव बढ़ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने कुछ इंडस्ट्रियल सप्लाई में कटौती करके घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है।
सरकार ने क्या फैसला लिया?
सरकार ने अतिरिक्त केरोसिन कोटा राज्यों को जारी किया है, जिसे मुख्य रूप से राशन दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाएगा। यह व्यवस्था फिलहाल 60 दिनों के लिए राहत योजना के तौर पर लागू की गई है ताकि घरेलू रसोई पर LPG का दबाव कम किया जा सके।

किन लोगों को मिलेगा फायदा?
यह सुविधा मुख्य रूप से राशन कार्ड धारकों, खासकर AAY और PHH परिवारों को दी जा रही है। कुछ राज्यों में बिना राशन कार्ड वाले परिवारों को भी स्थानीय निवास प्रमाण के आधार पर राहत दी जा सकती है।
क्या LPG की पूरी तरह कमी है?
सरकार ने साफ किया है कि यह स्थायी संकट नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन पर अस्थायी दबाव है। घरेलू उपयोग के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है और लोगों से panic booking न करने की अपील की गई है।