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गैस सिलेंडर हुआ ₹913! जानें क्यों बढ़े दाम, कब होगा सस्ता और क्या है सरकार का जवाब

नई दिल्ली / लखनऊ। 7 मार्च 2026 की सुबह जब देशभर के लोग उठे, तो उन्हें पता चला कि उनकी रसोई का खर्च रातोंरात बढ़ गया है। कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, कोई पूर्व घोषणा नहीं — तेल कंपनियों ने चुपचाप आधी रात के बाद अपनी वेबसाइट अपडेट की और करोड़ों भारतीय परिवारों को सुबह खबर मिली कि घरेलू गैस सिलेंडर ₹60 महंगा हो गया है।

यह हाल के महीनों में LPG की सबसे बड़ी कीमत वृद्धि में से एक है। 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर ₹60 और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर ₹114.50 महंगा हुआ है। इस एक फैसले ने न सिर्फ आम घरों का बजट बिगाड़ा, बल्कि पूरे देश के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट को हिलाकर रख दिया।

आपके शहर में क्या है नया रेट?

11 मार्च 2026 को मुंबई में 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर का दाम ₹912.50 है। दिल्ली में ₹913, कोलकाता में ₹930 से ₹939 के बीच और चेन्नई में ₹928 प्रति सिलेंडर है। Uttar Pradesh Housing & Development Board

UP के प्रमुख शहरों के नए रेट:

शहरपुराना रेटनया रेट
लखनऊ₹853₹913
प्रतापगढ़₹853₹913
रायबरेली₹853₹913
वाराणसी₹853₹913
आगरा₹853₹913
कानपुर₹853₹913
गाजियाबाद/नोएडा₹850.50₹910.50

📌 नोट: प्रतापगढ़, रायबरेली, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली — UP के सभी जिलों में रेट ₹913 ही है क्योंकि पूरे राज्य में VAT एक समान है।

महंगाई की असली वजह क्या है?

बहुत से लोग सोच रहे हैं कि अचानक यह झटका क्यों? इसका जवाब है — हजारों किलोमीटर दूर लड़ी जा रही एक जंग।

भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसमें से ज्यादातर सऊदी अरब, कतर, कुवैत और UAE जैसे मध्य-पूर्वी देशों से आता है। जब इस क्षेत्र में भूराजनीतिक तनाव बढ़ता है तो भारत में LPG की कीमतें सीधे प्रभावित होती हैं।

अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर गैस जहाजों की आवाजाही बुरी तरह बाधित हुई है। इससे वैश्विक स्तर पर LPG की आपूर्ति में भारी कमी आई और कीमतें आसमान छू गईं।

इस संकट के चलते होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या 86 प्रतिशत तक गिर गई है — यानी जो रास्ता पहले सैकड़ों टैंकर इस्तेमाल करते थे, अब सिर्फ 3 टैंकर ही वहाँ से गुजर रहे हैं। इसका सीधा असर भारत की गैस सप्लाई पर पड़ा है।

यह बढ़ोतरी 11 महीने बाद हुई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में ₹50 की बढ़ोतरी हुई थी और उसके बाद 11 महीने तक कीमत ₹853 पर स्थिर रही।

मुंबई में 20% होटल बंद — देशभर में हाहाकार

घरेलू सिलेंडर महंगा होने से जहाँ आम परिवारों का बजट बिगड़ा, वहीं कमर्शियल सिलेंडर की भारी कमी ने पूरे रेस्टोरेंट उद्योग को तहस-नहस कर दिया।

मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में कई होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने बताया कि कमर्शियल LPG सिलेंडर की भारी कमी से उनका कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मुंबई के होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन AHAR ने कहा कि मुंबई के कम से कम 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।

बेंगलुरु में कई रेस्टोरेंट के बाहर नोटिस लग गया — “LPG सप्लाई न होने के कारण 11 मार्च 2026 को अवकाश रहेगा।” पुणे में रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेश शेट्टी ने कहा कि अगर जल्द सप्लाई नहीं मिली तो दोसा और उत्तपम जैसी चीजें मेन्यू से गायब हो जाएंगी क्योंकि इन्हें बनाने में सबसे ज्यादा गैस लगती है। Government of Uttar Pradesh

बेंगलुरु में मार्च की शुरुआत से ही सप्लाई बंद है। दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, नागपुर, मैसूर और कोलकाता तक इसका असर फैल गया है। कुछ ढाबे मालिक लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल करने पर मजबूर हो गए हैं।

UP के ढाबों और छोटे व्यापारियों पर क्या असर?

एक छोटा ढाबा जो हर हफ्ते पाँच 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करता है, उसका महीने का खर्च जनवरी 2026 के मुकाबले करीब ₹7,000 बढ़ गया है। प्रतापगढ़, रायबरेली, वाराणसी और लखनऊ के छोटे ढाबा मालिक पहले से ही इस बोझ को महसूस कर रहे हैं। खाने की थाली के दाम जल्द ही बढ़ सकते हैं।

क्या बुकिंग के नियम में बदलाव है?

LPG Cylinder New Rules 2026 के तहत एक बड़ा बदलाव यह है कि पहले 21 दिन बाद रिफिल बुक होती थी, अब 25 दिन का इंतजार करना होगा। यह नियम hoarding और black marketing रोकने के लिए लागू किया गया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल सेक्टर की सप्लाई अस्थायी रूप से कम की है।

उज्ज्वला योजना वालों को राहत — पर एक शर्त है

PM उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों — यानी गरीब और BPL परिवारों की महिलाओं को — हर सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी मिलती रहेगी जो सीधे बैंक खाते में आएगी। लेकिन यह सब्सिडी साल में अधिकतम 12 रिफिल तक ही मिलती है। जो परिवार महीने में एक से ज्यादा सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं उन्हें बाजार भाव पर ही खरीदना होगा।

Panic Booking से बचें — गैस की कमी नहीं है

सरकार ने साफ कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है। अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर आयातित LPG दी जा रही है। इसलिए एक साथ कई सिलेंडर बुक करने की कोई जरूरत नहीं — इससे artificial shortage बनती है।

कब सस्ती होगी गैस?

यह सबसे जरूरी सवाल है। सच यह है कि जब तक मध्य-पूर्व में युद्ध जारी है, तब तक राहत मिलना मुश्किल है। सरकारी सूत्रों के अनुसार रूस से तेल आपूर्ति बढ़ाकर इस संकट को कुछ हद तक कम किया जा सकता है, लेकिन LPG के मामले में रूस का विकल्प सीमित है। अगर अगले 4-6 हफ्तों में युद्धविराम होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलता है तो जून-जुलाई तक कीमतें नीचे आ सकती हैं।

सरकार ने क्या कहा?

सरकार का कहना है कि ₹60 की बढ़ोतरी का असर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन सिर्फ 20 पैसे है। हालांकि विपक्ष इस तर्क को खारिज कर रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कमर्शियल सिलेंडर ₹115 और घरेलू ₹60 महंगा करना आम जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ है और सरकार को तुरंत राहत देनी चाहिए।

निष्कर्ष

यह महंगाई किसी एक सरकार की गलती नहीं, बल्कि एक वैश्विक युद्ध का नतीजा है जो भारत से हजारों किलोमीटर दूर लड़ा जा रहा है। लेकिन असर सीधे आपकी रसोई तक पहुँच रहा है। प्रतापगढ़ और रायबरेली के आम परिवार हों या मुंबई के बड़े रेस्टोरेंट — सब पर एक जैसी मार पड़ी है। उम्मीद है कि जल्द हालात सामान्य होंगे और आम जनता को राहत मिलेगी।

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