पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के बीच प्रधानमंत्री का हावड़ा दौरा बना चर्चा का केंद्र — बेलूर मठ से लेकर उमड़ती जनता तक, एक दिन में बहुत कुछ हुआ।
विशेष संवाददाता | हावड़ा, 23 अप्रैल 2026
मोदी का हावड़ा रोडशो 23 अप्रैल 2026 की शाम हावड़ा की सड़कों पर जो नज़ारा था, वह इस चुनाव प्रचार में शायद सबसे अलग था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोडशो शुरू हुआ तो था एक तय मार्ग से, लेकिन जनसैलाब ऐसा उमड़ा कि भीड़ हावड़ा ब्रिज पार कर कोलकाता तक जा पहुँची। यह महज एक रोडशो नहीं, बंगाल की राजनीतिक जमीन पर भाजपा के दावे की एक जीती-जागती तस्वीर बन गया।
आज का पूरा कार्यक्रम
मथुरापुर में विजय संकल्प सभा
कृष्णानगर में चुनावी रैली
बेलूर मठ (रामकृष्ण मिशन) का दर्शन
शाम करीब 5:30 बजे — हावड़ा में भव्य रोडशो
बेलूर मठ से शुरू हुआ आध्यात्मिक संदेश
रोडशो से पहले प्रधानमंत्री ने हावड़ा स्थित बेलूर मठ का दर्शन किया — रामकृष्ण मिशन का वह पवित्र केंद्र जहाँ स्वामी विवेकानंद ने देश और युवाओं को नई दिशा दिखाई थी। यहाँ मोदी ने विवेकानंद की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए युवा शक्ति, राष्ट्र-निर्माण और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखा। माँ काली और दुर्गा पूजा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बंगाल की आस्था और शक्ति की परंपरा को भाजपा के राजनीतिक संदेश से जोड़ा।
मथुरापुर और कृष्णानगर — TMC पर सीधा निशाना
दिन की शुरुआत मथुरापुर की रैली से हुई जहाँ मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि TMC ने बंगाल की महिलाओं के अधिकार छीने हैं और महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ वोट देकर ममता बनर्जी की पार्टी ने अपना असली चेहरा दिखाया है। कृष्णानगर में भी उन्होंने कहा — “पलटानो दरकार”, यानी बदलाव ज़रूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि दस दिन बाद जब वोट गिने जाएंगे, तो कमल हर जगह खिलेगा।
“पंद्रह साल की तानाशाही बहुत हो गई। बंगाल की माताएँ-बहनें यहाँ इतनी बड़ी तादाद में आई हैं — यह TMC की नींद उड़ाने के लिए काफी है।”
हावड़ा ब्रिज पार — दो शहर, एक लहर
शाम ढलते-ढलते हावड़ा की सड़कें जनसैलाब से भर गईं। रोडशो का तय मार्ग छोटा पड़ने लगा। भीड़ इतनी थी कि काफिला अपने आप हावड़ा ब्रिज की ओर बढ़ गया — और हुगली नदी पार करते हुए कोलकाता की सड़कों तक जा पहुँचा। यह ऐतिहासिक पुल आज एक नई राजनीतिक ऊर्जा का साक्षी बना। दोनों किनारों पर लोग खड़े थे, हाथ हिला रहे थे, नारे लगा रहे थे।
चुनावी संदर्भ — क्यों अहम है यह दिन
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान हो रहा है। पहले चरण की 152 सीटों पर आज यानी 23 अप्रैल को मतदान हुआ, जिसमें शाम पाँच बजे तक लगभग 90 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई। दूसरे चरण की 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट पड़ेंगे और 4 मई को नतीजे आएंगे। मोदी का आज का पूरा दौरा इसी दूसरे चरण के प्रचार का हिस्सा था। भाजपा की नज़र खासतौर पर ममता बनर्जी की परंपरागत सीट भवानीपुर पर टिकी है, जहाँ शुभेंदु अधिकारी से उनका सीधा मुकाबला है।
आज के रोडशो ने एक बात तो साफ कर दी — भाजपा बंगाल में सिर्फ मुकाबले में नहीं है, वह दावे के साथ मैदान में है। अब फैसला उन लाखों हाथों के पास है जो 29 अप्रैल को वोट डालने जाएंगे।