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भाजपा का 47वाँ स्थापना दिवस: एक विचार से विश्व की सबसे बड़ी पार्टी तक का सफर

6 अप्रैल 2026

आज पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी अपना 47वाँ स्थापना दिवस मना रही है। यह सिर्फ एक राजनीतिक दल का जन्मदिन नहीं है — यह उस विचारधारा का उत्सव है जिसने भारत की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल दी।

जड़ें कहाँ से निकलीं?

बात 1951 की है। देश आज़ाद हुए अभी कुछ ही साल बीते थे। उस वक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसकी जड़ें राष्ट्रवादी विचारधारा और RSS की वैचारिक प्रेरणा में थीं।

समय बदला, परिस्थितियाँ बदलीं। 1975-77 की आपातकाल के बाद जनसंघ ने कई दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी बनाई। Organiser Weekly लेकिन जनता पार्टी के भीतर आंतरिक कलह शुरू हो गई। अप्रैल 1980 में जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने अपने सदस्यों पर RSS की “दोहरी सदस्यता” न रखने का दबाव डाला। इस पर पूर्व जनसंघ के नेताओं ने जनता पार्टी छोड़ दी और एक नई पार्टी की नींव रखी।

अप्रैल 1980 को नई दिल्ली के कोटला मैदान में एक कार्यकर्ता सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी का औपचारिक गठन हुआ और अटल बिहारी वाजपेयी को इसका पहला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

भाजपा का 47वाँ स्थापना दिवस
भाजपा का 47वाँ स्थापना दिवस

उसी शाम अपने अध्यक्षीय भाषण में अटल जी ने कहा था — “अँधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय की विचारधारा को इस पार्टी की रीढ़ बनाया गया — यानी समाज की सबसे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना।

संघर्ष से शिखर तक — एक ऐतिहासिक यात्रा

1984 के आम चुनावों में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस की सहानुभूति लहर के चलते भाजपा केवल 2 सीटें जीत सकी। ETV Bharat यह पार्टी का पहला लोकसभा चुनाव था और नतीजे निराशाजनक थे। लेकिन इस हार ने पार्टी को तोड़ा नहीं, बल्कि उसे और मजबूत किया।

1989 में भाजपा ने 85 सीटें जीतीं और V.P. सिंह की सरकार को बाहर से समर्थन दिया। 1991 में यह संख्या बढ़कर 120 हो गई। 1996 में 161 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, हालांकि बहुमत न होने से 13 दिन में सरकार गिर गई।

1998 और फिर 1999 में NDA सरकार बनी। वाजपेयी जी ने पूरे 5 साल का कार्यकाल पूरा किया। 2004 और 2009 में पार्टी विपक्ष में रही। और फिर 2014 में तीन दशकों के बाद पहली बार किसी एकल राजनीतिक दल को स्पष्ट पूर्ण बहुमत मिला — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में। वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार लगातार तीसरी बार केंद्र में है।

आज क्या है भाजपा की हैसियत?

आज भाजपा को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन माना जाता है Prokerala — करोड़ों कार्यकर्ता, हर बूथ पर उपस्थिति, हर गाँव तक पहुँच। यह रातोरात नहीं हुआ, दशकों की मेहनत और जन-जन के विश्वास का यह परिणाम है।

47वें स्थापना दिवस का जश्न

इस बार का जश्न बेहद भव्य है। राजस्थान में 5 से 12 अप्रैल तक जिला, मंडल और बूथ स्तर पर कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। पार्टी कार्यालयों को फूलों, रंगोली और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है तथा स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव का आयोजन हुआ।

भाजपा का 47वाँ स्थापना दिवस
भाजपा का 47वाँ स्थापना दिवस

बिहार में 6 अप्रैल को पूरे राज्य में “विकास यात्रा” निकाली गई जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों की उपलब्धियाँ जन-जन तक पहुँचाई गईं। “गाँव बस्ती चलो अभियान” के तहत 7 से 12 अप्रैल तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 50 प्रमुख गाँवों में पार्टी कार्यकर्ता पहुँचेंगे।

नेताओं ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट कर सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी और “India First” के सिद्धांत के प्रति पार्टी की अटल प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी के मूल मंत्र — “राष्ट्र पहले, पार्टी बाद में, स्वयं सबसे अंत में” — को याद दिलाते हुए कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा की मजबूती और भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा — इन सभी कार्यों में भाजपा ने अपने संकल्पों को कर्म में बदला है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति से देश को मुक्त करते हुए सुशासन और पारदर्शिता की स्थापना की और लोकतंत्र की जड़ें मजबूत की हैं।

उपलब्धियाँ जो बोलती हैं

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 2025-26 तक 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं और इन खातों में जमा कुल राशि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 2026 तक 10 करोड़ से अधिक LPG कनेक्शन वितरित हो चुके हैं, जिससे करोड़ों महिलाओं को धुएँ से मुक्त रसोई मिली।

भाजपा का 47वाँ स्थापना दिवस
भाजपा का 47वाँ स्थापना दिवस

जल जीवन मिशन के तहत 2026 तक 14 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुँचाया जा चुका है।

पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता दी जा रही है और अब तक 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित हो चुकी है।

आगे का रास्ता — विकसित भारत 2047

47 साल की यह यात्रा किसी चमत्कार से नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों कार्यकर्ताओं के परिश्रम और जनता के अटूट विश्वास से संभव हुई है। आज जब पार्टी 47वाँ स्थापना दिवस मना रही है, तो यह एक पड़ाव नहीं, एक नई शुरुआत है — “विकसित भारत 2047” के संकल्प के साथ, जहाँ देश को 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है।

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