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सपा, बसपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी कागजों के 100 करोड़ से अधिक के बृक्षारोपण की जांच की मांग, संजय दीक्षित

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

लखनऊ- सपा, बसपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी कागजों के 100 करोड़ से अधिक के भ्रस्टाचार के आरोप लगें है। पूर्व सदस्य,केंद्रीय रोजगार गारंटी परिषद ,भारत सरकार संजय दीक्षित ने कहा कि आम जनता के पैसों से किया गया न सिर्फ एक बड़ा सुनियोजित घोटाला है बल्कि पर्यावरण की दृष्टिकोण से भी अत्यंत गंभीर है।

उंन्होने आरोप लगाते हुवे कहा कि मई 2012 को प्रदेश के कुछ जनपदों से मनरेगा के तहत वन विभाग द्वारा किए गए वृक्षारोपण विशेषकर 2008 ,2009 और 2010 में किए गए वृक्षारोपण की स्थिति का ब्यौरा द्वारा मांगा गया था तथा 2012 में कितने वृक्ष जीवित बचे इसका विस्तार से विवरण मांगा तो कुछ जनपदों से विवरण प्राप्त हुआ है वह चौकाने वाला है।

संजय दीक्षित ने कहा जनपद जालौन में जो सरकारी आंकड़े उन्हें उपलब्ध कराए गए उसके तहत 2008 में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत 7882 हेक्टेयर में 8458832 रोहित वृक्षों की संख्या दर्शाई गई है तथा जीवित पौधे 5836442 दर्शाई गई है एवं सफलता प्रतिशत 59% दिखाई गई है। इन वृक्षो की खोज में मैं उंन्होने पिछले सप्ताह जालौन जनपद का भ्रमण किया और पाया की वन विभाग द्वारा जिन स्थानों पर रोपण किया दर्शाया गया है वहां 3% भी वृक्ष मौजूद नहीं है।

संजय दीक्षित ने आरोप लगाते हुवे कहा कि 3 रेंज में वह स्वयं पूरे जंगल का भ्रमण किये, उरई रेंज, कदौरा रेंज, और कालपी रेंज जिसका वीडियो भी उंन्होने ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी को उपलब्ध कराए है। यह वृक्ष कहां गए मूल प्रश्न है? वन विभाग हर वर्ष करोड़ों वृक्षों को लगाने का दावा करता है।

ध्यान देने वाली बात है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2008 में बुंदेलखंड क्षेत्र में 10 करोड़ पौधों की रोपण की विशेष योजना बनाई थी हलाकि उस समय यूपी में बसपा की सरकार थी, जिसके तहत वन विभाग को 4.5 करोड़ पौधों का रोपण करना था। 1 जुलाई 2008 को इस संबंध में मुख्य सचिव द्वारा बुंदेलखंड के समस्त जनपदों के अधिकारी एवं उन विभागों के प्रमुख सचिव एवं अधिकारियों को सूचित किया गया जिनके द्वारा यह रोपण कराया जाना था। वन विभाग की 17 -8 -2008 तक की रिपोर्ट के अनुसार विभाग में बुंदेलखंड के समस्त 7 जनपद में 4.52 करोड़ वृक्षारोपण कर दिया था अर्थात लक्ष्य से भी अधिक वृक्षारोपण किया।


उरई रेंज में बोहदपुरा वृक्षारोपण स्थल था जहां 300 हेक्टेयर में 293000 वृक्ष लगाने का दावा किया था 2008 में वन विभाग ने तथा 2012 में 205100 वृक्ष को जीवित दर्शाया है। इस जंगल में 1000 भी जीवित वृक्ष नहीं है जिनकी उम्र 10 साल के करीब हो। दूसरा जंगल कदौरा रेंज में बरही/तिरही का उंन्होने भ्रमण किया यहां भी वन विभाव ने 2008 में 75 हेक्टेयर में 82500 पौध लगाने की बात दर्शाई थी तथा 2012 में 56100 वृक्ष जीवित बताए है।

इस पूरे जंगल में 500 वृक्ष भी मौजूद नही है जो 10 साल पुराने हो। कालपी रेंज के काशीरामपुर जंगल में वन विभाग ने 2008 में 33000 पौध लगाने की बात कही है और 2012 मे 22605 वृक्ष जीवित दर्शाए है । पूरे जंगल में भ्रमण के दौरान 500 वृक्ष भी नही मौजूद है।।1 जुलाई 2008 को मुख्य सचिव द्वारा वन विभाग को 4.5 करोड़ पौधरोपण करने का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष 17 अगस्त 2008 को वन विभाग ने जो रिपोर्ट प्रेषित की है उसके अनुसार बांदा जिले में 5.59 लाख, हमीरपुर जिले में 77 लाख , महोबा जिले में 34 लाख, चित्रकूट जिले में 77 लाख , जालौन जिले में 71.50 लाख , झांसी जिले में 71.50 लाख, ललितपुर जिले 115 लाख पौधे लगाए जा चुके थे। अर्थात 45 दिनों में वन विभाग में यह चमत्कार किया।

पूर्व में सपा एव बसपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी कागजों के अनुसार जो 100 करोड़ वृक्ष लगाकर कीर्तिमान स्थापित किये गए थे वो वृक्ष भी ग़ायब हो गए है। यह वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किया गया एक बड़ा घोटाला है। इस संदर्भ में संजय दीक्षित ने जिम्मेदार अधिकारियों और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र लिख कर शिकायत की है ।

संजय दीक्षित ने पूरे बुंदेलखंड के पौधों का भौतिक सत्यापन मानसून से पहले कराने की मांग की है साथ ही घोटाले के दोषी अधिकारी पर मुकदमा ,धन वसूली और आय से अधिक सम्पत्ति की जांच की मांग की है।

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