उत्तर प्रदेश

लगातार हो रहे सड़क हादसों से भी नही चेत रहा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, दोषियों पर होगी कार्यवाही?

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी– लगातार हो रहे सड़क हादसों से भी नही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण आखिर चेत क्यो नही रहा, न तो सचेतक लग रहे और न ही कट को भरा जा रहा है इतना ही नही ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित नही किये जा रहे है। इन हाइवे पर भारी टोल चुकाने के बावजूद असुविधाओं से जूझ रहे चालक और हो रही सड़क दुर्घटनाओं में दोषियों पर कोई कार्यवाही न होने के कारण दिन प्रति दिन लापरवाहियों ने सिमटकर रह गया है भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण।

अहमदपुर बाराबंकी अयोध्या हाईवे पर रामसनेहीघाट में चार घंटे से खराब खड़ी डबल डेकर बस में 27 जुलाई को ट्रक के टक्कर मारने से 18 लोगों की मौत हो गई थी । इसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ( एनएचएआइ ) पेट्रोलिंग टीम के की सक्रियता पर सवाल उठे थे । टोलकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था । इसके बावजूद एनएचएआइ की पेट्रोलिंग में सुधार नहीं हुआ है । सोमवार की सुबह अहमदपुर टोल प्लाजा से करीब दो किमी दूर फिर एक डबल डेकर बस खराब हो गई । दो घंटे तक बस खराब खड़ी रही , लेकिन पेट्रोलिंग टीम और पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे । अहमदपुर टोल प्लाजा से करीब दो किमी दूर पूरेकोट गांव के पास सोमवार सुबह 4 : 30 पर एक डबल डेकर बस का टायर खराब हो गया । दिल्ली से गोरखपुर जा रही बस हाईवे पर करीब दो घंटे तक खड़ी रही । चालक चंद्रवीर ने बताया कि यहां न तो हाईवे पेट्रोलिंग टीम पहुंची और न ही चौकी से कोई पुलिस कर्मी । बस खराब होने के कारण यात्री हाईवे पर ही इधर – उधर बैठे रहे । चालक ने स्वयं तत्परता दिखाते हुए संकेतक के रूप में पेड़ों की टहनियां तोड़कर बस के आसपास डाल दी , जबकि ऐसी स्थिति में एनएचएआइ को रिफ्लेक्टर लगाने चाहिए । फिर दो घंटे बीत जाने के बाद 6:30 बजे हाइवे की पेट्रोलिंग हाइवे पर पहुँची।

रामसनेहीघाट सड़क हादसे के बाद शुरू किए गए साप्ताहिक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। एआरटीओ द्वारा लगातार ऐसे बसों को सीज कर कार्यवाही किया जा रहा है। इन बसों पर सवार यात्रियों को परिवहन निगम की बसों से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा है । पहले दिन कुल आठ चालान किए गए हैं , जिसमें से तीन वाहन सीज हुए हैं । सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन एक बस परमिट का उल्लंघन करने और दो बसों को बकाया कर के कारण सीज किया गया । इन बसों पर सवार यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन निगम की बसों को बुलाया गया , जिससे उन्हें रवाना किया गया है । इसके अलावा पांच अन्य वाहनों का चालान किया गया , जिसमें से चार ट्रक शामिल हैं । इस चेकिंग के लिए कर अधिकारी उमाशंकर मिश्रा को नामित किया गया था , लेकिन वह अवकाश पर हैं । परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र लखनऊ और संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन व प्रशासन को रिपोर्ट एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव भेज रहे है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि लगातार हो रहे हादसों के बावजूद एनएचएआइ की पेट्रोलिंग में सुधार नहीं हो रहा, जिम्मेदार टोल प्लाजा क्या कर रहा? क्या हादसों के लिए जनता से टोल टैक्स लिया जा रहा ? यह सब वह सवाल है जिनका जबाब देना तो दूर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में बात करने को तैयार नही ।

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