अपराध

लखनऊ डीसीपी उत्तरी का ड्राइवर 2 महीने से गायब, पुलिस के सहयोग न करने पर ड्राइवर की पत्नी महासमिति से मांगा सहयोग

लखनऊ – साहब मेरे पति को बचा लीजिए मेरे तीन छोटे छोटे बच्चे हैं जिसमें 2 लड़कियां हैं और एक लड़का है । मेरे पति सिपाही है और डीसीपी उत्तरी रईस अख्तर साहब के ड्राइवर हैं। साहब जब से वह गायब हुए हैं। साहब मेरे पति पुलिस में है और पुलिस ही सहयोग नही कर रही है। यह पीड़ा है एक सिपाही की पत्नी की है और आज महिला दिवस के अवसर पर पीडिया में लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे को फोन पर बताया है। दरसल आज सुबह ही गुडंबा थाना का एक मामला आया जिस मामले में लखनऊ जनकल्याण महासमिति की सक्रियता के बाद उस सिपाही की पीड़ित पत्नी को महासमिति से न्याय की उम्मीद जगी। पीड़िता सुमन यादव ने लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने बताया कि धमेन्द्र कुमार यादव पुलिस लाइन लखनऊ में डीसीपी उत्तरी के यहां ड्यूटी में कार्यरत थे जो पत्नी व तीन बच्चों के साथ 35 वीं वाहिनी पीएसी महानगर,लखनऊ के सरकारी आवास में रहते है । दिनांक 09.01.2021 को सुबह 10.25 बजे आवास से खाना खाने के बाद यह बताकर निकले कि मैं मोबाइल और स्लीपिंग बैग बनवाने जा रहा हूँ और वहीं से अपनी ड्यूटी पर जाएंगे , जो न तो ड्यूटी पर पहुंचे और न आज तक वापस घर आये हैं । उनका मोबाइल भी बंद जा रहा है । लापता होने की सूचना सम्बन्धित अधिकारी व थाना महानगर , लखनऊ को दिनांक 10.01.2021 को लिखित रूप से दी गयी है । लेकिन पीडिया के पति का अभी तक न तो कोई पता चल सका और न ही पुलिस अब कोई कार्यवाही कर रही है ।

पीड़ित ने मामले की सूचना आला अधिकारियों तक को दिया लेकिन कार्यवाही के नाम पर कुछ हुवा भले नही उल्टे सिपाही का वेतन रोक दिया गया जिसके कारण घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया है। महिला दिवस पर एक महिला की पीड़ा उसकी व्यथा को साफ जाहिर कर रही थी। पीड़ित रो रो कर कहने लगी कि साहब छोटे – छोटे तीन बच्चे हैं तथा आय का कोई श्रोत भी नहीं रह गया है जीवन यापन करने में कठिनाई हो रही है एक तरफ पति को पुलिस खोज नही पा रही दूसरे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है ।

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