उत्तर प्रदेश

यूपी में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सभी दलों में सूत्रों का माहौल गर्म

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी


लखनऊ – इस समय यूपी में राजनीति सूत्रों का माहौल गर्म है कोई आईएएस से तयागपत्र देकर आये एमएलसी बने अरविंद शर्मा को उपमुख्यमंत्री के साथ गृह विभाग और कार्मिक दे रहा तो कोई केशव मौर्या को भाजपा का नया अध्यक्ष बता रहा है। कई सूत्र को कलराज मिश्रा को सीएम बना रहे है तो वही कुछ सूत्र मांन रहे कि अरविंद शर्मा सीएम के साथ काम ही नही करना चाहते और खुद सीएम बनना चाहते है।

वही सूत्र यूपी में 100 से अधिक भाजपा विधायकों के टिकट कटने की बात कह रहे है। इतना ही नही भाजपा के इस उहापोह के बीच सच्चाई यह है कि भाजपा का प्रदेश क्या केंद्रीय नेतृत्व तक कुछ बताने को तैयार नही।

वही जहां एक तरह भाजपा और प्रदेश सरकार में अफ़वाहों का माहौल गरम है वही प्रमुख विपक्षी दल सपा वेट एंड वाच की राजनीति पर काम कर रही है। इस कोरोना काल मे जनता के बीच जनसेवा से अपनी पहचान बना सकती समाजवादी पार्टी ने यह मौका भी सिर्फ इस लिए खो दिया कि जनता भाजपा सरकार से नाराज होगी तो उसका सपा ही एक मात्र विकल्प है।

हलाकि कोविड काल मे प्रदेश में अपनी जकीन तलाश रही कांग्रेस प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी में आक्सीजन डालने के लिए कोविड काल मे जनता को ऑक्सीजन पहुचाने का काम कर, जनता में अपनी जनसेवा की खोई पहचान वापस लाने में लगीं है तो वही बसपा प्रमुख एक दम खामोश है।

पिछले लोग सभा चुनाव में सपा को अपनी हर शर्तो पर टिकट बटवारा करा कर लाभ उठाने वाली बसपा प्रमुख इस समय अपनी अगली बेहतरीन पारी के इंतजार में है। भाजपा सूत्र तो यहां तक कहते है कि यदि यूपी में पूर्ण बहुमत नही मिली तो भाजपा बसपा की बैसाखी पर अपनी सरकार बनाने की नैया पार लगा सकती है।

वही बसपा प्रमुख भी अब सीएम से ऊपर कुछ बड़ी जिम्मेदारी निभाने का सपना देख रही है जो भाजपा देश के कुछ बड़े संबैधानिक पद देकर उनके सपने के साथ अपना दूरगामी सपना पूरा कर सकती है। प्रदेश के इन प्रमुख 4 दलों के बीच आम आदमी पार्टी अपनी जमीन तलाश रही है आम आदमी पार्टी ने अपने सांसद संजय सिंह को यूपी की रणनीति में उतार दिया है ।

संजय सिंह के नेतृत्व में आप यूपी में अरविंद केजरीवाल के लिए सीएम की कुर्शी की तलाश में लगी है। आम आदमी पार्टी के सूत्र बताते है कि प्रदेश में भाजपा और सरकार के बीच चल रहे अंतर्कलह और सपा की उदासीनता के बीच आप अपनी जमीन की तलाश में है ।

जहां एक तरफ़ भाजपा अपने अंतर्कलह में जूझ रही है वही सपा इस भारोशे मे अपनी बारी के इंतजार में है कि भाजपा से निराश जनता उन्ही के पास आएगी लेकिन आम आदमी पार्टी इसी का फायदा उठा कर अपनी जमीन तलाशने में लग गयी है शायद यही कारण है कि अरविंद केजरीवाल चुनाव से पहले यूपी का सीएम कैंडिडेट अपने को घोषित कर सकते है और जनता से यूपी को दिल्ली मॉडल बनाने का सपना दिखा सकते है।

आप सूत्र बताते है कि आप ने यूपी की रूपरेखा भी तैयार कर लिया है और प्रमुख 5 मुद्दों पर अरविंद केजरीवाल यूपी में चुनाव लड़ने जा रहे है। आप ने अपना पहला मुद्दा बिजली बनाया है यूपी में दिल्ली के तर्ज पर जनता को एक लिमिट के लिए फ्री बिजली एवं छूट देने की घोषणा के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकार पर नई योजना के साथ चुनाव लड़ना चाहती है। इतना ही नही आप यूपी में बेरोजगारी और शहरी क्षेत्र में हाउस टैक्स में छूट की अपनी चुनावी घोषणा के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री उम्मीद घोषित कर चुनाव लड़ सकती है। इतना ही नही आप ने किसी अन्य दलों के नेताओं पर दांव खेलने के बजाय युवाओं और ईमानदार छबि के प्रत्याशियों को चुनाव में उतारने का निर्माण लिया है।

सूत्र बताते है कि इस पूरे कार्यो के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने सांसद संजय सिंह को जिम्मेदारी दी है। यही कारण है कि आप प्रदेश में भले किसी मजबूत विपक्ष की भूमिका में न रहते हुवे भी प्रदेश है हर छोटे से छोटे मुद्दे पर संजय सिंह अपने आक्रमण तेवर दिखा कर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे है। हलाकि यह सभी खबर सूत्रों पर आधारित है इस प्रकार कहा जा सकता है प्रदेश में सूत्रों का माहौल गर्म है। और सभी राजनैतिक दल इस समय सूत्रों के बीच घिरीं हुई है वह भी उन हालात में जहां एक तरह कोरोना का दौर है वही प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने है।।

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