उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री से शिकायत पर झूठा जबाब देता है नगर निगन, कुडा प्रबंधन के क्षेत्र में अनुबंध तोड़ने वाली चीन की कंपनी इकोग्रीन के बचाव में खड़ा नगर निगम

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री तक से शिकायत का नगर निगम झूठा जबाब देकर शिकायत का निस्तार कर देता है।

गौरतलब है कि की उमाशंकर दुबे ने लखनऊ में साफ सफाई और कुडा डिस्पोजल को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री से सीएम पोर्टल पर शिकायत की थी कि लखनऊ में कुडा कुडा डिस्पोजल को लेकर स्थिति बहुत खराब है, ऐसे में विभाग इसे सुधारने के बजाय अनुबंध तोड़ने वाली कंपनी को फर्जी भुकतान कर रहा है। उमाशंकर दुबे ने आरोप लगाया था कि नगर निगम चीन की कंपनी इकोग्रीन को फर्नी भुकतान कर रहा है। जहाँ एक तरफ अपने अनुबंध के अनुसार इकोग्रीन कुडा उठाने में विफल साबित हो रहा है वही कूड़े के डिस्पोजल को लेकर भी इकोग्रीन ने अनुबंध तोड़ा है। आज तक कूड़े का कोई डिस्पोजल नही किया गया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि कूड़े से बिजली बनाने अनुबंध था जबकि कूड़े से बिजली बनानां तो दूर उसके यंत्र तक नही लगे है।

मुख्यमंत्री से किये शिकायत में उमाशंकर दुबे ने कहा था कि अनुबंध तोड़ना कानून अपराध की श्रेणी में आता है और इस मामले में चीन की कंपनी इकोग्रीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विभाग कार्यवाही करना तो दूर फर्जी भुकतान करने में लगा है । महासमिति की शिकायत पर पिछले दिनों सिवरी प्लांट का हाल जानने गए अपर मुख्य सचिव आवास विकास ने भी न सिर्फ पुष्टि की बल्कि अधिकारियों को फटकार भी लगाया था।

उमाशंकर दुबे ने मुख्यमंत्री से मांग की थी कि इतनी अव्यवस्थाओं के बीच चीन की कंपनी इकोग्रीन और नगर निगम की अधिकारियों की मिली भगत से बगैर कुडा डिस्पोजल और कुडा कलेक्शन के बिलिग़ के नाम पर भ्रस्टाचार किया जा रहा है। कूड़े का डिस्पोजल हो ही नही रहा बिजली बनाने का यंत्र लगा ही नही वही विभाग द्वारा चीन की कंपनी इकोग्रीन को कुडा प्रोसेसिंग का भी भुकतान किया जा रहा है।

महासमिति ने मुख्यमंत्री से मामले में पिछले 6 महीने के बिलिग़ के आधार को जांच में रखते हुवे कितने घरो से कुडा चीन की कंपनी इकोग्रीन उठा रही है, उस कूड़े का डिस्पोजल हुवा की नही, अनुबंध के अनुसार इकोग्रीन ने कितनी बिजली बनाया, इसकी आईआईटी या अन्य उच्च संस्थान से भौतिक सत्यापन के साथ जांच कराने की मांग की थी लेकिन विभाग ने कार्यवाही करने के बजाय जबाब में कहा है कि उपरोक्त शिकायत का समाधान करा दिया गया है उमाशंकर दुबे ने आरोप लगाते हुवे कहा कि इससे यह तो साफ है कि जो शिकायत महासमिति ने की है अपर मुख्य सचिव ने मौके का निरीक्षण किया वह सही साबित हुवा है।

लेकिन सवाल है कि समाधान क्या कराया गया इसका जबाब नही दिया जा रहा। क्या इकोग्रीन के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कर अनुबंध समाप्त कर दिया गया है? क्या फर्जी भुकतान जो किये गए है उसकी वापस लेने की कोई कार्यवाही की गई है? क्या नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भ्रस्टाचार के मामले में कोई विभागीय कार्यवाही हुई है इसका कोई जबाब देने के बजाय नगर निगम चीन की कंपनी के बचाव में खड़ी है जिसने न सिर्फ अनुबंध को तोड़ा है, बल्कि कूड़े का डिस्पोजल तक नही किया वही पूरे शहर निकलने वाले कूड़े की सिर्फ ढेर लगा कर अनुबंध तोड़ रहा है वही यह कंपनी लोगो के घरो से कुडा उठाने में भी विफल साबित हो रही है।

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