उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री के मिशन शक्ति को लेकर एलडीए द्वारा आयोजित बेवनार में नही पहुची अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी, महिलाएं हुई निराश

लखनऊ -जहां एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है देशभर में जगह-जगह महिला सशक्तिकरण को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों में न सिर्फ महिला बूथ हेल्प सेंट्रर बनाने के निर्देश दिए है बल्कि सभी विभागों को इस अभियान से जुड़कर जन जागरूकता अभियान चलाने का भी आह्वान किया है इसी क्रम में लखनऊ विकास प्राधिकरण पिछले 3 दिनों से बेवनार का आयोजन कर रहा है, इसी कड़ी में आज अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी को जुड़ना था। लखनऊ विकास प्राधिकरण एक सरकारी विभाग है और एलडीए के नोडल अधिकारी मिशन शक्ति ऋतु सुहाज और नायब तहसीलदार एलडीए स्निग्धा चौधरी के आह्वान पर आज लखनऊ भर से विभिन्न आरडब्ल्यूए की महिलाएं,सामाजिक संगठनों और व्यापार मंडल से महिलाएं जुड़ी हुई थी ।

कार्यक्रम 3 बजे से शुरू होना था इसको लेकर प्रचार प्रसार भी किया गया था जिसको लेकर महिलाएं अपने अपने सवाल भी लेकर आयी थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी क्योकि इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिन्हें लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित बेवनार “स्वच्छता के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका” कार्यक्रम में जुड़ना था लेकिन नही जुड़ी। अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी के कार्यक्रम में न आने से महिलाएं निराश हुई ।

अब सवाल है कि आखिर मुख्यमंत्री की मिशन शक्ति का मिशन कैसे पूरा होगा जब लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित बेवनार “स्वच्छता के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका” जैसे कार्यक्रम में इतनी बड़ी जिम्मेदार अधिकारी अपनी सहमति देने के बाद भी नही जुड़ी। लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी के कार्यक्रम में न पहुचने से महिलाएं बहुत निराश हुई थी उंन्होने बताया कि अभी तक दर्जनो महिलाओं ने अपने अपने सवाल महासमिति को भेजे है जो वह अपर नगर आयुक्त से करने वाली थी।

रजनी पाण्डेय ने अपना सवाल भेजा है। मेरा सवाल अपर नगर आयुक्त मैडम अर्चना द्विवेदी जी से है, मैं गोमती नगर विस्तार में रहती हूं, गोमती नगर विस्तार लखनऊ विकास प्राधिकरण ने विकसित किया है जो अब नगर निगम सीमा में आ गया है लेकिन अभी भी विकास का कार्य एलडीए ही देख रहा है अभी सोसायटी नगर निगम को हैंडओवर नही हुई हैं ऐसे में नगर निगम हाउस टैक्स की तैयारी कर रहा है जिसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। इस सूचना के साथ मेरा सवाल है कि जब नियम है कि हाउस टैक्स तभी लिया जा सकता जब उक्त क्षेत्र का पूरा विकास जैसे सड़क,सीवर,नाला,बिजली,पानी आदि की व्यवथा हो गयी हो, या फिर नगर निगम सीमा में आये 5 साल हो गया हो जबकिं ऐसी स्थिति में दोनों नही हुवा तो हाउस टैक्स कैसे लेने की तैयारी हो रही है?

वही स्वेता त्रिपाठी ने अपना सवाल भेजा है। मेरा सवाल अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी जी से है। दयाल चौराहे के पास कुडा ट्रांसफर स्टेशन बना है बना है यहां कूड़े के वाहन, कंटेनर सड़क पर खड़े रहते है। जिससे आवागमन प्रभावित होता है कई बार शिकायत की गयीं फिर भी कोई कार्यवाही नही हुई। जिसके कारण पूरे सड़क पर कुडा जमा रहता है।

पूजा मौर्या ने अपना सवाल भेजा है।
मेरा सवाल अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी मैडम से है हमारे घर के सामने अबैध सब्जी मंडी लगती है आवास विकास पुलिस को कहता है पुलिस आवास विकास का हवाला देती है, शिकायत करने पर पुलिस आवास विकास नगर निगम मिलकर हटाते है और जैसे टीम जाती है पुनः लग जाता है, हम लोगो का यहाँ रहना मुश्किल हो गया है। पुलिस पब्लिक संवाद में भी आश्वासन मिला था लेकिन उसे पूरा नही किया गया। पुलिस कहती है यह काम नगर निगम का है जबकि नगर निगन से कोई सहयोग नही मिलता। प्लीज निवेदन है आप उसे हटवा दीजिये क्योकि यह सब नगर निगम पुलिस और कुछ सफेदपोश के सहयोग से ही अनाधिकृत सब्जीमंडी लग रही है।


वर्षा वर्मा ने अपना सवाल भेजा है।
मेरा सवाल अपर नगर आयुक्त मैडम से है। आवारा जानवर शहर को बर्बाद किये है आय दिन नागरिक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे है। आएदिन जानवर भी चोटिल होते है। इस सम्बंध में नगर निगम की क्या योजना है जिससे उक्त समस्या का समाधान हो सके।


वही प्रीति चौबे ने अपना सवाल भेजा है।
मेरा सवाल अपर नगर आयुक्त मैडम से है, कूड़े से बिजली बनाने की परियोजना जो शिमरी प्रोसेसिंग प्लांट पर स्थापित होनी थी उसका क्या हुवा, सिवरी पर इतने कुडा इकट्ठा हो गए है लेकिन उसका प्रोसेस नही हो रही है। जिसके कारण कूड़े का ढेर बन गया है जिससे जल और वायु दोनों प्रभावित ही रहे है। इस सम्बंध में क्या योजना है

जबकिं सुधा वाजपेयी ने अपना सवाल महासमिति को भेजा है।
मेरा सवाल अर्चना द्विवेदी जी अपर नगर आयुक्त जी से है मेरे घर के सामने ठीक गेट के सामने चांदनी फूल का पेड़ लगा है जिसे हटाने के लिए वर्षो से नगर निगम से न्याय की मांग कर रही हूं इस संबंध में हाईकोर्ट का भी निर्देश हुवा है फिर भी नही हटाया जा रहा। हम पतिपत्नी बुजुर्ग लोग है अकेले यहां रहते है कुछ दबंग लोग गेट से फूल जा पेड़ नही हटने देते जिसके कारण हमारी कार घर के अंदर नही जा सकती। इसमे नगर निगम के एक इंजीनियर का भी सहयोग है वह इंजीनियर साहब इतने परेशान कर दिए है वह चाहते है हम अपना घर उन्हें बेच कर चले जाएं।

यह वह सवाल है जो अभी तक महासमिति को प्राप्त हुवे है इस तरह के कई सवाल व्यापार मंडल सहित लखनऊ के विभिन्न आरडब्ल्यूए एवं सामाजिक संगठनों की महिलाओं के है जो आज अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी से थे लेकिन उनके कार्यक्रम में शामिल न होने से धरे के धरे रह गए और कार्यक्रम में एक घंटे इंतजार करने के बाद दर्जनो महिलाओं को निराशा मिली।

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