लाइफस्टाइल

बेहतर स्वास्थ्य के लिए आपके भोजन की भूमिका

हम सबको जानने की जरूरत है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए आपका खाना या भोजन प्रमुख भूमिका निभाता है. अगर आपका खाना-पान अच्छा और पौष्टिक होगा तो वह आपकी सेहत को भी अच्छा बनाएगा वही अगर आप अपने भोजन के प्रति लापरवाही बरतते है या पौष्टिक भोजन नहीं लेते है तो यह आपके स्वास्थ्य को बीमार बना देगा स्वस्थ्य शरीर रखने के लिए आपको कौन सी चीज खानी चाहिए और कब खानी चाहिए तथा किन चीजो से आपको परहेज करना चाहिए यह बात हम सबको अपने शरीर के हिसाब से पता होनी चाहिए ।
आयुर्वेद में भी बताया गया है कि आप अपनी प्रकृति (Nature) के हिसाब से ही आहार ले कहना का तात्यपर्य कि जैसे अगर आप में पित्त प्रकृति की मात्रा बहुत अधिक है तो आप पीली वस्तुओ जैसे कि ज्यादा तेल, हल्दी और इसी तरह की पीली चीजो से परहेज करना चाहिए । हम सबको अपने प्रतिदिन के भोजन में विटामिन्स (Vitamins), प्रोटीन्स (Protins), वसा (Fat), कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स (Minerls) आदि सभी चीजो को संतुलित मात्रा में अपने आहार में शामिल करना चाहिए ।हमारी दिनचर्या का जितना प्रभाव हमारी सफलता पर होता है उतना ही असर इसका हमारे स्वास्थ्य पर भी पड़ता है । अगर आपकी दिनचर्या बहुत संतुलित होगी तो आपका स्वास्थ्य भी उतना ही अच्छा रहेगा जब हमारी दिनचर्या रोजाना एक ही होती है तो इससे हमारे दिमाग को हमारे शरीर को समझने में बड़ी आसानी होती है ।
सुबह उठने से लेकर रात्रि में सोने तक, हमारी दिनचर्या कैसी होनी चाहिए यह हमारी सेहत के लिए जानना बहुत जरुरी है । सुबह सूर्योदय के पहले उठना चाहिए । नियमित व्यायाम करे तथा सुबह का नास्ता ठीक से करना चाहिए नास्ते मे हर वह पोषक तत्व होने चाहिए जो हमारी शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए जरूरी है ।दोपहर 2 बजे तक लंच अवश्य कर लेना चाहिए दोपहर का भोजन करने के बाद 15 मिनट तक चुपचाप बैठकर आराम करना हेल्थ के लिए बहुत लाभदायक होता है ।
शाम को चार बजे से पांच बजे के बीच हल्के स्नेक्स का सेवन करना चाहिए । नियमता तो भोजन सूर्यास्त के पहले कर लेना चाहिए जो कि आज कल की लाइफ स्टाइल मे संभव नही है लेकिन रात्रि आठ बजे तक भोजन अवश्य कर लेना और भोजन के एक से दो घण्टे बाद ही सोना चाहिए रात्रि का भोजन बहुत हल्का होना चाहिए और दस बजे तक हर हाल मे सो जाना चाहिए ।
प्रकृति का नियम है परिवर्तन, समय समय पर श्रतु परिवर्तन होता है। प्रकृति हमें यह सन्देश देती है कि प्रकृति के हिसाब से खुद को परिवर्तित कर देना चाहिए। जाड़ा, गर्मी और बरसात प्रकृति में जब ऋतु परिवर्तन होता है तब हमें भी खुद में परिवर्तन के लिए तैयार रहना चाहिए ।
आप सभी ने देखा होगा कि ऋतु के बदल जाने पर प्रकृति में बड़ा बदलाव दिखाई पड़ता है, उसी तरह हमें अपने शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए अपने खान-पान, रहन-सहन, दिनचर्या और योगासनों में भी बदलाव कर लेना चाहिए । कुदरत का करिश्मा ही कह सकते है कि प्रत्येक ऋतु के अनुकूल फल, सब्जी और खाद्य पदार्थ का उत्पादन होता रहता है किसी अन्य ऋतु में पैदा होने वाली चीजो को किसी अन्य ऋतु में सेवन नहीं करना चाहिए । सीजनल फल व सब्जियां खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है । जाड़े के दिनों में हमें ठंडी चीजो का सेवन नहीं करना चाहिए ।यही नियम अन्य चीजो पर भी लागू होता है ।शहरी जीवन मे स्वस्थ्य शरीर के लिए योग हमारे स्वास्थ्य के लिए नितांत आवश्यक है । इस भागा दौड़ी जिंदगी व बढ़ते शहरीकरण जीवन मे यदि अपने शरीर को स्वस्थ्य रखना है तो खान पान के साथ हमे अपने जीवन मे योग को अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करना चाहिए योग की महत्ता युगो युगो से चली आ रही है इसे बिलकुल नजर अंदाज नही करना चाहिए ।
योग करने से पहले हमें ऋतु चर्या के मुताबिक ही योगासन और मुद्राओ का अभ्यास करना चाहिए । जैसे पसीना निकलने वाले और गर्मी बढाने वाले आसनों को गर्मी के दिनों में नही करना चाहिए सेहत के लिए योग मुद्राओ का अभ्यास भी जरुरी है । मानसिक संतुलन हमारा कैसे अच्छा रहे इसके लिए मानसिक सेहत के लिए भी कई मुद्राएँ है, जिन्हें रोजाना करना चाहिए उदाहरण स्वरूप ज्ञान मुद्रा, यह मुद्रा अंगूठा और तर्जनी को मिलाने से बनती है । इसको रोजाना करने से याददाश्त बढती है और मानसिक बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है। इससे अनिद्रा और चिडचिडापन भी दूर होता है ।
इसी तरह और भी कई मुद्राएँ है, जिसे किया जा सकता है. जैसे प्राण मुद्रा, पृथ्वी मुद्रा, वायु मुद्रा, ह्रदय मुद्रा, सूर्य मुद्रा आदि, इन्हें आप किसी अच्छे योग गुरु से सीख सकते है। इन मुद्राओ के अभ्यास से कई तरह की शारारिक और मानसिक समस्याओ से छुटकारा मिलता है ।

सकारात्मक दृष्टिकोण सदा रखे Positive Thinking हमारे जीवन में कितनी बड़ी भूमिका अदा करती है यह आप जरुर जानते होंगे । आज कल के अधिकांश महिला पुरूष यहां तक छोटे छोटे बच्चो में भी तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं नकारात्मक सोच की वजह से अधिकांश लोगो मे जन्म ले चुकी है । इसके लिए लाइफ स्टाइल मे बदलाव लाने की जरूरत है । हमे सकारात्मक सोच रखनी चाहिए खुश रहना चाहिए रोज किसी ऐसे स्थान पर जाये जहां सकारात्मक महौल के लोग एकत्रित होते हो । इससे हम अवसाद जैसी खतरनाक बीमारी से बच सकते है ।
सकारात्मक सोच के लिए आप अच्छा सत्संग करे । प्राणायाम , व्यायाम आसन और अच्छी संगती कर सकते है. इसके अलावा अपनी मन पंसद का संगीत भी सुनकर तनाव रहित हो सकते है ।
इंशान को हमेशा एकांत में नही रहना चाहिए । आप यह हमेशा ध्यान रखिये कि सकारात्मक सोच से ही शारारिक और मानसिक सेहत को स्वस्थय बनाये रखा जा सकता है । स्वस्थ्य शरीर के लिए हमे दिन मे ऐसे लोगो की संगत जरूर करनी चाहिए जहां हम खुलकर हँस सके ।
आप सभी ने यह जरूर महसूस किया होगा कि यदि हम एक दुखी व्यक्ति से मिलते है तो दुख का अनुभव लेकर आते है और यदि एक खुशहाल इंशान की संगत करके आते है तो खुशहाल होते है । कोई भी इंशान किसी भी मायूस व नकारात्मक व्यक्ति के साथ नहीं रहना पंसद नही करता है हमेशा खुश रहने व सदा हंसते मुस्कराते लोगों के बीच मे बैठकर हँसते-खिलखिलाने से हमारे चेहरे की खूबसूरती भी बढ़ती है और.स्वास्थ्य भी बहुत अच्छा रहता है । जब हम खुश रहते है तब हमारे शरीर में ऐसे हार्मोन्स (Harmons) उत्पन्न होते है जो हमें तनाव (Stress) से लड़ाई लड़ने मे मदद करते है इस पर बहुत रिसर्च हुए है और यह बात साबित हुई है कि रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, शारारिक और मानसिक सेहत को बेहतर करने, पाचन क्रिया को बढ़ाने तथा याददाश्त बढ़ाने के लिए खुल कर हंसने से बेहतर और कोई उपचार, दवा या तरीका नहीं है और न ही कोई आसन या प्राणायाम ही है । इसलिए स्वस्थ्यचित रहने के लिए हमेशा खुशहाल रहना चाहिए और अच्छे खुशहाल व सकारात्मक लोगों की संगत करनी चाहिए । हंसने व मुस्कराने से हमारे शरीर के अंग-अंग में स्फूर्ति तथा रक्तसंचार में बढ़ोतरी होती है. इसलिए हँसते रहे और अच्छी सेहत बनाये रखे । प्रायः अधिकांश लोगो को हमेशा यह लगता है कि वह फिट है और उनके शरीर को कोई परेशानी नही है यह बिल्कुल भी न समझे कि आप पूरी तरह फिट है क्योंकि खुद को सेहतमंद बनाये रखने का यह मतलब नहीं है कि आप कोई भी शारारिक या मानसिक काम से तौबा करे ।
जैसे मान लीजिए कि अगर आपका काम मानसिक रूप से अधिक होता है तब थोड़ा समय निकालकर शरीरिक श्रम जरूर करें ।में थोड़ा बहुत शारारिक कार्य भी करे और फिर आप वह मानसिक कार्य करे जो कर रहे थे ऐसा करने से आप बेहतर महसूस करेगे और स्वस्थ्य भी रहेगे ।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए शारारिक श्रम व मानसिक श्रम करना बहुत आवश्यक है क्योंकि बिना शारारिक श्रम किये हम कभी फिट नही रह सकते है । शरीरिक व्यायाम समय निकाल कर अपनी दिनचर्या मे अवश्य शामिल करें शरीरिक श्रम करने से हड्डियाँ भी मजबूत होती है ।
हम सबको यह बात सदा ध्यान रखनी चाहिए कि जब हमारा स्वास्थ्य अच्छा होगा। तभी हम सब अपने जीवन को ठीक से जी सकेगें ।क्योंकि बीमार शरीर आपको कभी भी जीवन में आगे नहीं बढ़ने देगा और यह आपके जीवन में हमेशा रूकावट बनता रहेगा ।
अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सचेत रहे क्योंकि अगर एक बार किसी बीमारी ने आपको जकड़ लिया तो उसके बाद आपके लिए इससे निकलना बहुत मुश्किल हो जायेगा । हम सबको कभी भी
अपने स्वास्थ्य के प्रति बिल्कुल भी लापरवाही नही करनी चाहिए और जिसने लापरवाही की उसे हमेशा मुसीबतों का सामना करना पड़ता है । इसलिए हम सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सचेत रहे जरा जी लापरवाही पूरी जिंदगी तबाह कर देती है यह आप सभी ने अपने आस पास के अनुभव से जरूर देखा व सुना होगा ।
इसलिए अपने काम की तरह अपने स्वास्थ्य के प्रति भी हमेशा सचेत रहे । संसार मे बहुत कम लोग जानते होगे कि हमारा शरीर भी एक तरह का मशीन है और यह मशीन सुचारू रूप से चले इसके लिए हमारी डाइट कैसी हो लाइफ स्टाइल क्या हो शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिऐ रोज क्या आहार मे होना चाहिए अज्ञानता के कारण शरीर को जो पोषक तत्व चाहिए वह हम नही दे पाते है और धीरे धीरे पहाड़ जैसा मजबूत शरीर भी रोग से ग्रसित हो जाता है । और धीरे धीरे बीमारियों का घर बन जाता है जिंदगी बोझ लगने लगती है और कभी कभी मनुष्य अवसाद मे चला जाता है । जिस तरह शहरीकरण बड़ा है लोग अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है कभी समोसा खा लिया कभी पीजा कभी चाऊमीन जंक फूड व फास्ड फूड शहरी जीवन मे लाइफ के पार्ट बन गये है और जाने अनजाने हम अपने शरीर को रोगी बना रहे है । अच्छी सेहत कैसी हो हमारा खान पान कैसा हो हमारी लाइफ स्टाइल कैसी हो हम अपने शरीर को कैसे स्वास्थ्य रख सकते है । इसके लिए भी बहुत सारे ट्रेनिंग कार्यक्रम विभिन्न विभिन्न शहरों मे चलाये जा रहे है । आप सभी ने देखा होगा आज कल मल्टीनेशनल स्तर पर लोगों को जागरूक करने व लाइफ स्टाइल व बेहतर जीवन व खानपान की शैली के विषय मे हर्बल लाइफ न्यूट्रीशेन सेण्टर चल रहे है । जहां पर लाइफ स्टाइल व खानपान की शैली को बेहतर तरीके से सिखाया जाता है और लोग इन प्रोग्रामों के जरिए अपनी लाइफ स्टाइल मे सुधार लाकर बेहतर जीवन जी रहे है । सबसे बड़ा सुख निरोगी काया ऐसे मे अपने स्वास्थ्य के प्रति बिलकुल लापरवाही न करे अपनी लाइफ स्टाइल मे सुधार लाकर फिट रहने का प्रयास करे । हम स्वास्थ्य होगे तभी अपनी फैमली के लिए जीवन मे कुछ कर पायेगे इसलिए परिवार को सुखी व समृद्धिशाली व खुशहाल रखने के लिए पहले हम सब अपने आपको फिट रखे । और स्वस्थ्य शरीर रखने के लिए हम सबका खानपान कैसा हो हमारी लाइफ स्टाइल कैसी हो यह जानना बहुत जरुरी है । खान पान व लाइफ स्टाइल कैसी हो इसकी अधिक जानकारी के लिए लेखक से सम्पर्क कर सकते है ।
रामकुमार यादव
91-9839222293

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