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न हैंडओवर न विकास, नगर निगम ने भेजा अपार्टमेन्ट के आवंटियों को हाउस टैक्स की नोटिस

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

लखनऊ – गोमती नगर विस्तार सहित लखनऊ के कई क्षेत्र जो पिछले दिनों नगर निगम सीमा क्षेत्र में शामिल हुवे है में नगर निगम द्वारा जनता पर जबरन हाउस टैक्स लगाया जा रहा है। लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि उक्त क्षेत्र का विकास अभी हुवा ही नही है और न ही उक्त क्षेत्र को नगर निगम सीमा में आये 5 साल हुवे है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा ज्यादातर क्षेत्रों को अभी विकसित किया जा रहा है। ऐसे में नगर निगम हाउस टैक्स कैसे ले सकता है। उमाशंकर दुबे ने कहा कि उक्त क्षेत्र में सीवर, नाला,पानी, सड़क और बिजली सहित उन तमाम बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह विकसित नही किया गया है और न ही उक्त क्षेत्र को नगर निगम को हैंडओवर किया गया हैं ऐसे में नगर निगम हाउस टैक्स कैसे ले सकता है जबकिं नगर निगम वहां अभी कोई सुविधा भी नही दे रहा है।

उमाशंकर दुबे ने नगर निगम पर आरोप लगाते हुवे कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रो के विकास के लिए नगर निगम सीमा में शामिल करती है न कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो के शोषण करने के लिए। नगर निगम लखनऊ एक सरकारी संस्था होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की जनता के साथ विकास किये बगैर हाउस टैक्स के नाम पर जबरन आर्थिक भार डालने की कोशिश कर रहा है।

इतना ही नही उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम- 1959 के सेक्शन 177 ज में साफ लिखा है कि हाउस टैक्स तभी लिया जा सकता जब उक्त क्षेत्र का पूरा विकास जैसे सड़क, सीवर, नाला, बिजली,पानी आदि की व्यवथा हो गयी हो, या फिर नगर निगम सीमा में आये 5 साल हो गया हो जबकिं ऐसी स्थिति में दोनों नही हुवा है। ताजा मामला गोमती नगर विस्तार सेक्टर 5 एम आई अपार्टमेन्ट का है जहाँ नगर निगम लखनऊ ने आवंटियों को फ्लैट नम्बर के हिसाब से हाउस टैक्स का बकाया बिल के साथ बिल भेज दिया है।

यहां यह भी अवगत कराना है कि उक्त क्षेत्र का विकास लखनऊ विकास प्राधिकरण अभी कर रहा है जिसका विकास शुल्क भी लिया गया है लेकिन अभी तक पूरी तरह से क्षेत्र का विकास नही किया गया है। पानी की सप्लाई टंकी से नही दी गयी जा रही है ,कई पानी की टंकियों का निर्माण कार्य ही अपूर्ण है, सड़क छतिग्रस्त है, सीवर की व्यवस्था पूर्ण नही है,नाले 95 प्रतिष्ठित से अधिक काम नही कर रहे, नालियों का हाल तो पूरी तरह से ध्वस्त है।

बिजली की व्यवस्था कई क्षेत्रों में अभी ओवर हेड से है जबकि उन्हें अंडरग्राउंड किया जाना है। उपरोक्त तमाम समस्याओं के बीच अधूरे कार्य पूर्ण करते हुवे क्षेत्र का विकास कराकर नगर निगम प्रॉपर हैंडवास लेने के बजाय अनाधिकृत तरीके से नियमविरुद्ध तरीके से एक सरकारी संस्था होने का फायदा उठाते हुवे जबरन हाउस टैक्स का भार गांव की जनता पर डाल रहा है।

महासमिति ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि गोमती नगर विस्तार सहित उन सभी क्षेत्रों को जिसको लखनऊ विकास प्राधिकरण या आवास विकास ने विकसित किया जा रहा है और कार्य अधूरे है के क्षेत्र में अधूरे कार्य को पूर्ण कराकर नियमानुसार नगर निगम लखनऊ को हैंडओवर किया साथ ही जबतक कार्य पूर्ण न हो जाये जनता पर हाउस टैक्स के नाम पर भार न डाला जाय और नगर निगम को सर्वे रोकने के साथ साथ अनाधिकृत तरीके से हाउस टैक्स लगाने की प्रकिया को तत्काल रोकने के लिए निर्देश जारी किए जाय।

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