उत्तर प्रदेश

चांदनी फूल के पेड़ को हटवाने के लिए हाईकोर्ट तक गए बुजुर्ग दम्पत्ति,नगर निगम पर नही है कोर्ट के आदेश का भी कोई असर

लखनऊ – चांदनी फूल के पेड़ को हटाने के लिए वर्षो से परेशान बुजुर्ग को नगर निगम से नही मिल रहा सहारा,जबकिं मामले में हाईकोर्ट ने भी नगर निगन को कार्यवाही के निर्देश दिए है। दरसल गायत्री शंकर दीक्षित के मकान संख्या 554/745 , भीमनगर गली नं0-2 , आलमबाग , लखनऊ के गेट के सामने ” चांदनी फूल का एक पेड़ ” लगा है जिसके कारण घर मे जाने का रास्ता अवरोड हो रहा है। इस फोटो को देखकर आप खुद इसका अंदाजा लगा सकते है लेकिन नगर निगम को इसका अंदाज़ा नही है कारण भ्रस्टाचार, आरोप भी कि किसी पड़ोसी और नगर निगम के एक इंजीनियर की मिली भगत से यह पेड़ नही हट रहा आरोप है कि नगर निगम के इंजीनियर साहब की इस मकान पर पूरी नजर है,वह चाहते है बुजुर्ग दम्पत्ति इस मकान को उन्हें बेच दे । पीड़ित दम्पत्ति न्याय के लिए दरदर भटकने के बाद हाईकोर्ट में गए लेकिन ध्यान देने वाली बात है न्यायालय का आदेश के बावजूद नगर निगम पर कोई असर नही पड़ रहा। पीड़ित ने कोर्ट के आदेश की प्रति के साथ नगर निगम से निवेदन किया लेकिन उसपर भी कोई कार्यवाही नही हो रही। पीड़ित बार बार नगर निगम से निवेदन कर रहा है कि मकान के गेट के ठीक सामने लगे ” चांदनी फूल के पेड़ को हटाकर अवरोध दूर किया जाए , जिससे वह अपनी कार मकान के अन्दर ले जाकर खड़ा कर सके लेकिन कोई कार्यवाही नही हो रही। पीड़ित ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खण्डपीठ , लखनऊ के समक्ष एक रिट याचिका संख्या – 2886 MB 2021 गायत्री शंकर दीक्षित बनाम स्टेट ऑफ़ यू० पी० आदि ” योजित की गई जिसे अंतिम रूप से निस्तारित करते हुए न्यायालय ने दिनांक- 02-02-2021 को आदेश पारित किया की उपरोक्त समस्या का शीघ्रातिशीघ्र समाधान किया जाय लेकिन कोर्ट के आदेश का भी पांलन नही हो रहा । लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत की है। महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने कहा कि इसमे नगर निगम की घोर लापरवाही है,एक फूल के पड़ को हटाने के लिए पीड़ित को हाईकोर्ट तक जाना पड़ रहा है इससे साफ है कि विभाग अपनी जिम्मेदारी का पालन नही कर रहा।

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