उत्तर प्रदेश

गंगा,यमुना, सरस्वती और शारदा अपार्टमेंट में पीएनजी के मामले में महासमिति जाएगी राज्य उपभोक्ता फोरम

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

लखनऊ– गोमती नगर विस्तार के गंगा,यमुना, सरस्वती और शारदा अपार्टमेंट में पीएनजी गैस कनेक्शन के नाम पर आवंटियों के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण ने धोखा किया है। पैसे लेने के बावजूद एलडीए पीएनजी कंपनी को पैसे नही दिए जिसके कारण आवंटियों को पीएनजी कनेक्शन के नाम पर दुबारा पैसे देने पड़ रहे है जो एक उपभोक्ता के साथ धोखा है।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने बताया कि गोमती नगर विस्तार में गंगा अपार्टमेंट में 306 फ्लैट, यमुना अपार्टमेंट में 192 फ्लैट, सरस्वती अपार्टमेंट में 319 फ्लैट और शारदा अपार्टमेंट में 188 फ्लैट है इस प्रकार यदि देखा जाय तो सभी चारो अपार्टमेंट में कुल 1005 फ्लैट है जिन्हें गैस कनेक्शन के नाम पर एलडीए में 15 / 15 हज़ार रुपये प्रति आवंटी लिए थे । ऐसे में कुल 1005 आवंटियों ने 15 हजार के हिसाब से रुपये 15,075,000 लिए गए है और पीएनजी कंपनी मात्र 5 हजार रुपये प्रति आवंटी चार्ज कर रही है इस हिसाब से मात्र 5,025,000 ही देने थे लेकिन उसे भी एलडीए ने नही दिया, जिसमें पाइप लाइन कनेक्शन,मीटर आदि सब कुछ शामिल है । जिसके कारण जिनके घर पीएनजी कनेक्शन लगे है कंपनी उन्हें प्रतिमाह सुरक्षा राशि क़िस्त के रूप में बिल में लगा कर ले रही है।

उमाशंकर दुबे ने बताया कि उपरोक्त मामले में सैडको बार गंगा,यमुना,सरस्वती और शारदा की आरडब्ल्यूए और लखनऊ जनकल्याण महासमिति के एलडीए के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में आश्वासन के बाद भी आवंटियों की समस्याओं का समाधान नही हो सका। आज एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते मूल्यो को लेकर आवंटी परेशान है, लोग अपने घरों में पीएनजी कनेक्शन लेना चाहते है कारण पीएनजी एलडीए से ज्यादा सुरक्षित के साथ साथ काफ़ी सस्ती भी है लेकिन एलडीए की उदाशीनता के कारण उन्हें सुविधा नही मिल पा रही और जिन लोगो ने कनेक्शन ले लिया उन्हें पीएनजी कनेक्शन के नाम पर दुबारा पैसे देने पड़ रहे है।

उमाशंकर दुबे ने बताया कि उपरोक्त के संबंध में लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने गंगा, यमुना, सरस्वती और शारदा अपार्टमेंट के सभी कुल 1005 आवंटियों के पीएनजी के मामले को राज्य उपभोक्ता फोरम में ले जाने का निर्णय लिया है। इस सम्बंध में उपरोक्त सभी चारों अपार्टमेंट की आरडब्ल्यूए और कानूनी सलाहकारों के साथ बैठक करके दस्तावेज इकठ्ठा किया जाएगा जिससे मामले को उपभोक्ता फोरम में रखा जा सके।

उमाशंकर दुबे ने कहा कि लखनऊ जनकल्याण महासमिति की मांग है कि इन चारों अपार्टमेंट के कुल 1005 उपभोक्ताओं से 10 साल पहले कुल 15,075,000 रुपया लिया गया है जिसे व्याज सहित आवंटियों को वापस किया जाय। क्योकि एक चीज के नाम पर 2 बार पैसे नही लिए जा सकते यह उपभोक्ताओं के साथ धोखा है ।

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