उत्तर प्रदेश

कोरोना काल मे कर निर्धारण के लिए लाखो व्यापारियों को कार्यालय बुलाने के लिए जीएसटी विभाग का फ़रमान जारी, मुख्यमंत्री के पास है विभाग

रिपोर्ट – उमाशंकर दुबे

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

लखनऊ – जहाँ एक तरफ कोरोना काल और ब्लैक फंगश आदि बीमारियों से प्रदेश जूझ रहा है सरकार ने प्रदेश में लॉक डाउन लगा रखा है । जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है । प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी जमीनी स्तर पर अभियान चला रहे है। आये दिन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग कर हालात को कैसे कंट्रोल किया जाय जानकारी और आवश्यक निर्देश दे रहे है वही जीएसटी विभाग द्वारा नोटिस जारी कर, कर निर्धारण के लिए व्यापारियों को कार्यालय बुलाया जा रहा जबकिं इस हालात में जीएसटी विभाग के खुद न जाने कितने अधिकारी व कर्मचारी इस महामारी में मौत की मुंह मे समा गये । प्रदेश मे कोरोना कर्फ्यू चल रहा है, लाक डाऊन मे व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद है । व्यापारी व अधिवक्ता सभी डरे हुए है और इस परिस्थिति मे विभाग द्वारा नोटिस जारी कर, कर निर्धारण के लिए आफिस बुलाया जा रहा है ,जबकिं यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है अधिकारी इतना भी नही डरते यह एक बड़ा सवाल है कि इस तरह से नोटिसे जारी कर यदि कर निर्धिरण के लिए कार्यालय मे बुलाया जायेगा और भीड़ लगेगी तो जीएसटी कार्यालय कोरोना का बड़ा बिस्फोट केन्द्र बनेगा।


विभाग के इस फैसले से जहाँ एक तरफ व्यापारियो मे रोष है वह भी इसे स्वीकार नही कर रहे है। अधिवक्ता कोरोना न और अधिक न बढ़े इसका पालन करते हुए कार्य से बिरत है और नोटिस जारी कर विभाग मे बुलाना कही न कही प्रदेश सरकार की छवि खराब करने का काम जीएसटी विभाग कर रहा है जब पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में है। गांव गांव तक कोरोना फैल गया है ऐसे हालात में अपने इस जनविरोधी निर्णय से अधिकारी अपनी जिद में धीरे धीरे कंट्रोल हो रही कोरोना बीमारी को बढ़ाने में लगे हुये है।

गौरतलब है 2017 -18 के कर निर्धारण की टाइम बारिंग 30 जून 2021 है कोरोना अभी थमा नही व्यापारी को केस कराने के लिए विभाग नोटिस जारी कर आफिस बुलाने की तैयारी मे सेक्टर 16 लखनऊ द्वारा जारी नोटिस मे व्यापारी को लेखा पुस्तके सहित 03 जून 2021 को आफिस बुलाने का फरमान जारी कर दिया गया है ।

ऐसे मे पूरे प्रदेश मे लाखो व्यापारियों को नोटिस जारी होगी तो व्यापारी मजबूरन की अनाधिकृत टैक्स एकपक्षीय न लग जाय इस कारण विभागीय कार्यवाही से बचने के लिए जीएसटी कार्यालय जाने की मजबूर होंगे और इतनी भीड़ होगी तो कोरोना का बड़ा बिस्फोट फिर से प्रदेश मे हो जायेगा इससे इनकार नही किया जा सकता है ।

रामकुमार यादव अधिवक्ता

इस पूरे मामले पर जीएसटी के अधिवक्ता रामकुमार यादव का कहना है कि आज पूरा प्रदेश इस कोरोना महामारी से लड़ रहा है लोग सुरक्षित घरों मे बैठे है और लाकडाऊन का पालन कर रहे है ऐसे मे विभाग द्वारा नोटिस जारी कर आफिस बुलाया जाना व्यापारियों व अधिवक्ताओं का जीवन खतरे मे डालने जैसा है । वाणिज्य कर विभाग मे बहुत सारे अधिकारी कर्मचारी की कोरोना से मौत हो चुकी है । इस महौल मे नोटिस जारी कर विभाग मे भीड़ लगाकर कोरोना को फैला कर कहीं न कही सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है रामकुमार यादव ने मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है। रामकुमार यादव ने कहा प्रदेश मे लगभग 14 लाख पंजीकृत व्यापारी है जिनमे यदि पचास प्रतिशत व्यापारियों का कर निर्धारण पूर्व मे हो चुका भी मान लिया जाय तो प्रदेश मे वर्ष 2017-18 मे कर निर्धारण से वंचित लाखो व्यापरियों को कर निर्धारण के लिए लेखा पुस्तको सहित आफिस मे बुलाने का मतलब प्रदेश को कोरोना मे फिर से झोंक देने जैसा काम होगा इस पर तत्काल मुख्यमंत्री को संज्ञान लेने की जरूरत है ।

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