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एलडीए के बाद आवास विकास का फ्लैट अब नही लेना चाहते है आवंटी। सैकड़ो आवंटियों ने अपने फ्लैट निरस्त कराने का लिया निर्णय

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी

लखनऊ – एक तरफ आवास विकास और लखनऊ विकास प्राधिकरण के बड़ी संख्या में फ्लैट बनकर तैयार है लेकिन बिक नही रहे है वही यदि सैकड़ो लोग एक साथ अपने आवंटित फ्लैटों को निरस्तीकरण के लिए आवेदन करने पहुच जाए तो आश्चर्य करने के बजाय विभाग को अवलोकन करने चाहिए । दरसल आवास विकास परिषद ने अवध विहार योजना के अंतर्गत गोमती एन्क्लेव एव सरयू एन्क्लेव बनाये है जिसमे पिछले महीने से कब्जा दिए जाने का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है । लेकिन परियोजना में हुई देरी के बावजूद आवंटियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ इस कोरोना काल मे आवंटी झेल नही पा रहे है।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने बताया कि इस संबंध में आवास आयुक्त को पूर्व में ही पत्र लिखकर निवेदन किया गया था कि बढ़ी हुई कीमतों में संशोधन किया जाय लेकिन विभाग ने कोई कार्यवाही नही की जिसका परिमाण है आज बड़ी संख्या में आवंटी अपने फ्लैट निरस्त करा रहे है। उमाशंकर दुबे ने बताया कि उक्त परियोजना की सुरुआत समाजवादी आवास योजना के तहत वर्ष 2015-2016 में हुई थी जिसे बनाकर 3 वर्ष में दिया जाना था। परियोजना को वर्ष 2018- 2019 में पूरा किया जाना था, लेकिन वर्ष 5 वर्ष से अधिक समय हो गए अब किसी तरह कब्जा देने का मौका आया तो मूल्य में इतनी बढ़ोतरी कर दी गई जो एक सामान्य निवासी की पहुच से कहीं बहुत ज्यादा है ।

उदाहरण के तौर पर अगर 2BHK का फ्लैट जिसकी कीमत 25 लाख 70 हजार रुपये थी आज रजिस्ट्री के साथ उसकी कीमत 38 लाख तक पहुच गयी है। इतना ही नही जमीन की कीमत को हटाकर,निर्माण लागत पर वर्ष जून 2020 से व्याज भी लगा दिया जा रहा है। जबकिं गलती आवास विकास की थी तो ऐसे में आवंटियों को व्याज देने के बजाय, व्याज का अतिरिक्त बोझ आवंटियों पर क्यो,यह भी एक बड़ा सवाल है। जहां एक तरफ आवास विकास परिषद की इस लापरवाही से आज बड़ी संख्या में लोगो के घर का सपना पूरा होते होते रूक गया वही बड़ी संख्या में ऐसे लोग है जिन्होंने बैंक से लोन लिया, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें सब्सिडी भी मिली लोगो ने इतने साल ब्याज दिए अब फ्लैट न खरीद आने के कारण लोग सब वापस कर रहे है। ऐसे हालात में फ्लैट बनने के बावजूद आवंटी आवास विकास से दूर भाग रहे है और वही आवास विकास की पूंजी भी एलडीए की तरह ब्लाक हो रही है।

उमाशंकर दुबे में बताया कि पिछले 1 साल से 100 से अधिक सरयू और गोमती इन्क्लेव के आवंटी महासमिति से सम्पर्क में थे महासमिति के इस आश्वासन पर की पत्र लिखा गया है आवास विकास के उच्च अधिकारी जनहित में आवंटियों को राहत देने वाले निर्णय जरूर लेंगे, लेकिन अब जब निराशा हाथ लगी तो आवंटियों ने अपने पैसे वापस लेने शुरू कर दिये है।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने मांग की है कि जो आवंटी इन परिस्थितियों के करण अपने पैसे वापस ले रहे है उन्हें बगैर कोई कटौती के व्याज सहित पैसे वापस किया जाय यदि आवास विकास आवंटियों के पैसे वापसी में किसी प्रकार की कटौती करता है तो लखनऊ महासमिति के मोबाइल नंबर 9451000010 पर सम्पर्क करें महासमिति ऐसे मामलों की सूची तैयार कर रही है और जरूरत पड़ी तो लखनऊ जनकल्याण महासमिति की तरफ से सामुहिक रूप से न्यायालय का भी सहारा लिया जाएगा । क्योकि प्रोजेक्ट में हुई देरी के साथ साथ मूल्य वृद्धि के लिए आवास विकास जिम्मेदार है ऐसे में आवंटियों पर अनाधिकृत रूप से आर्थिक बोझ नही डाला जा सकता है। ऐसे में यदि आवास विकास योजना में हुई देरी के बावजूद मूल्य वृद्धि की अपनी जिद पर अड़ा है तो आवंटी व्याज सहित अपने पैसे वापस ले सकते है।

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