उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम- 1959 के सेक्शन 177 ज का कड़ाई से पांलन करते हुवे नए नगर निगम क्षेत्र में शामिल गांवो को दिया गया नोटिस वापस लिया जाय। अपर मुख्य सचिव

ब्रेकिंग न्यूज़ यूपी लखनऊ – प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डा. रजनीश दुबे ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम- 1959 के सेक्शन 177 ज का कड़ाई से पांलन करते हुवे नए नगर निगम क्षेत्र में शामिल गांवो को हाउस टैक्स के लिए दिया गया नोटिस वापस लेने के निर्देश दिए है।

अपर मुख्य सचिव ने निदेशक स्थानीय निकाय, समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और नगर पंचायत को जारी निर्देश में कहा है कि या तो क्षेत्र को नगर निगम सीमा में शामिल हुवे 5 साल हो जाये या फिर कम से कम प्रमुख सुविधाएं जैसे सड़क, पेयजल एवं मार्ग प्रकाश की व्यवस्था न हो जाये तबतक इनसे हाउस टैक्स नही लिया जा सकता ।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने बताया कि गोमती नगर विस्तार सहित लखनऊ के कई ऐसे क्षेत्र जो पिछले दिनों नगर निगम सीमा क्षेत्र में आये है में नगर निगम द्वारा जनता पर जबरन हाउस टैक्स लगाया जा रहा है, जबकि उक्त क्षेत्र का विकास अभी हुवा ही नही है और न ही उक्त क्षेत्र को नगर निगम सीमा में आये 5 साल हुवे है। उमाशंकर दुबे ने अपर मुख्य सचिव को इस सम्बंध में पत्र लिखकर शिकायत किया था कि लखनऊ विकास प्राधिकरण और आवास विकास द्वारा ज्यादातर क्षेत्रों को अभी विकसित किया जा रहा है। उक्त क्षेत्र को सीवर, नाला,पानी, सड़क और बिजली सहित उन तमाम बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह विकसित नही किया गया है और न ही उक्त क्षेत्र को नगर निगम को हैंडओवर किया गया हैं ऐसे में नगर निगम हाउस टैक्स कैसे ले सकता है? जबकिं नगर निगम वहां अभी कोई सुविधा भी नही दे रहा है।

सरकार ग्रामीण क्षेत्रो के विकास के लिए नगर निगम सीमा में शामिल करती है न कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो के शोषण करने के लिए। उमाशंकर दुबे ने अपने पत्र में लिखा था कि नगर निगम लखनऊ एक सरकारी संस्था होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की जनता के साथ विकास किये बगैर हाउस टैक्स के नाम पर जबरन आर्थिक भार डालने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम- 1959 के सेक्शन 177 ज में साफ लिखा है कि हाउस टैक्स तभी लिया जा सकता जब उक्त क्षेत्र का पूरा विकास जैसे सड़क, सीवर, नाला, बिजली,पानी आदि की व्यवथा हो गयी हो, या फिर नगर निगम सीमा में आये 5 साल हो गया हो जबकिं ऐसी स्थिति में दोनों नही हुवा है।

लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने अपर मुख्य सचिव को लिखे पर में कहा था कि नए नगर निगम में शामिल 88 गांवो में सड़क, पानी और रोड लाइट की व्यवस्था ही नही है ऐसे में उन सभी क्षेत्रों में जबतक कार्य पूर्ण न हो जाये जनता पर हाउस टैक्स के नाम पर भार न डाला जाय और नगर निगम को सर्वे रोकने के साथ साथ अनाधिकृत तरीके से हाउस टैक्स वशूलने की प्रकिया को रोकने के निर्देश जारी किए जाय, जिसके क्रम में अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे ने न सिर्फ लखनऊ बल्कि प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत को इस संबंध में निर्देश देते हुवे कहा है कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम- 1959 के सेक्शन 177 ज का कड़ाई से पांलन करते हुवे नए नगर निगम क्षेत्र में शामिल गांवो को दिया गया नोटिस वापस लिया जाय, साथ ही नियमों के अनुसार या तो 5 साल नगर निगम में शामिल हुवे हो जाये या उक्त क्षेत्र का विकास न हो जाये तबतक हाउस टैक्स न लिया जाय।

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