उत्तर प्रदेश

अधिवक्ताओं का कार्य वहिष्कार जारी

लखनऊ- अवथ बार एसोसिएशन ने जी.एस.टी. ट्रिब्यूनल, कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल को लखनऊ में स्थापित करने, शिक्षा सेवा अधिकरण को पूर्ववत लखनऊ में स्थापित करने की मांग की है। कार्यकारिणी की बैठक इसके विभाजन के विरोध एवं उच्च न्यायालय लखनऊ के क्षेत्राधिकार के विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई । विचार विमर्श के उपरांत कार्यकारिणी ने दिनांक 24 फरवरी 2021 को उच्च न्यायालय में न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया तथा लखनऊ स्थित अन्य बार एसोसिएशन आधार अर्थात लखनऊ बार एसोसिएशन , सेंट्रल बार एसोसिएशन , बोर्ड ऑफ रेवेन्यू बार एसोसिएशन , सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन , लखनऊ इनकम टैक्स बार एसोसिएशन , रेरा बार एसोसिएशन , पब्लिक सर्विस ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन , CAT बार एसोसिएशन इत्यादि से भी सहयोग हेतु अनुरोध किया गया तथा उक्त बार एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा विभिन्न न्यायालयों एवं अधिकरणों में कार्य से विरत रहते हुए अपेक्षित सहयोग किया जिस हेतु कार्यकारिणी ने सभी बार एसोसिएशन का धन्यवाद ज्ञापित करती है । अवध बार एसोसिएशन के महासचिव शरद पाठक ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कार्यकारिणी सर्वसम्मति से दिनांक 25 एवं 26 फरवरी 2021 को न्यायिक कार्य से विरत रहने का सर्वसम्मति से निर्णय लेती है एवं अन्य बार एसोसिएशन से भी अनुरोध करती है कि वह पूर्व की भांति अपना सहयोग प्रदान करें । अवध बार एसोसिएशन ने दिनांक 11 फरवरी 2021 को उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता गणों , पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व महासचिवों से विचार विमर्श के उपरांत विभिन्न निर्णयों के अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया था कि जी.एस.टी. ट्रिब्यूनल की स्टेट बेंच को लखनऊ में स्थापित करने हेतु अवध बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार के माननीय वित्त मंत्री तथा उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री से मिलेगा । उक्त क्रम में अवध बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में राजनाथ सिंह , सदस्य लोकसभा , सांसद लखनऊ , रक्षा मंत्री भारत सरकार एवं भारत सरकार के वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से प्रत्यावेदन के साथ मुलाकात की थी तथा जी.एस.टी. ट्रिब्यूनल लखनऊ में स्थापित करने हेतु मांग पत्र दिया था तत्पश्चात अवध बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार से भी अपनी मांग पत्र के साथ मुलाकात की थी तथा जी.एस.टी. ट्रिब्यूनल को लखनऊ में स्थापित करने हेतु वार्ता की थी परंतु अभी तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई । इसी बीच उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण बिल भी दिनांक 22 फरवरी 2021 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत किया गया जिसमें शिक्षा सेवा अधिकरण को दो भागों में विभाजित कर लखनऊ एवं प्रयागराज में स्थापित करने की योजना प्रस्तुत की गई इस पर कतिपय विधान परिषद सदस्यों द्वारा शिक्षा सेवा अधिकरण की मुख्य बेंच प्रयागराज में स्थापित करने की अनुशंसा की गई जोकि जनहित के विरुद्ध है । इसी प्रकार अवध बार एसोसिएशन जनहित में दीर्घकाल से लखनऊ उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार विस्तारित करते हुए मेरठ , मुरादाबाद , बरेली , कानपुर आदि मंडलों को वादकारियों की सुविधा हेतु लखनऊ बेंच में सम्मिलित करने हेतु मांग कर रही है किंतु उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई जो कि संविधान के सस्ता एवं सुलभ न्याय की अवधारणा के विरुद्ध है । बैठक में कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उपरोक्त मांगों को पूर्ण करने हेतु अवध बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल पुन वित्तमंत्री भारत सरकार , वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार , मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार तथा वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार से मुलाकात करेगा तथा जी.एस.टी. ट्रिब्यूनल , कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल को लखनऊ में स्थापित करने , शिक्षा सेवा अअधिकरण को पूर्वतया लखनऊ में स्थापित करने तथा इसके विभाजन के विरोध एवं उच्च न्यायालय लखनऊ के क्षेत्राधिकार के विस्तार पर अनुरोध करेगा । उक्त मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री भारत सरकार , वित्तमंत्री भारत सरकार , वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार , राज्यपाल उत्तर प्रदेश , वित्तमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन प्रेषित करेगी । कार्यकारिणी सर्वसम्मति यह भी निर्णय लिया गया कि मेरठ , बरेली , मुरादाबाद , कानपुर मंडल व अन्य नजदीकी जनपदों के बार एसोसिएशन को पत्र लिखकर अपनी मांगों का समर्थन करने हेतु अनुरोध किया जाएगा । अवध बार एसोसिएशन की मांगों के सापेक्ष अभी तक सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है ऐसे में कार्यकारिणी सर्वसम्मति से दिनांक 25 एवं 26 फरवरी 2021 को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है ।

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