बिजनेस

लखनऊ में असंल API पर रेरा की बड़ी कार्रवाई, दो परियोजनओं का पंजीकरण क‍िया निरस्त

उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा ने अंसल एपीआई की दो परियोजनाओं का पंजीयन निरस्त कर दिया है। इन परियोजनाओं का नाम असंल एपीआई रेरा पॉकेट टू, सेक्टर पी, सुशांत गोल्प सिटी, लखनऊ यूपीआरथ्रीएपीआरजे 7122 और असंल एपीआई, पॉकेट टू, सेक्टर जे, सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ यूपीआरईआरएपीआरजे 9594 है। यही नहीं रेरा ने असंल की एक और परियोजना अंसल एपीआई पॉकेट थ्री, सेक्टर ए, सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ यूपीआरईआरएपीआरजे10009 के शेष विकास कार्य को पूरा करने के लिए 20 मार्च 2021 तक समय दिया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि इसका शपथ पत्र असंल रेरा की वेबसाइट अपलोड करे। अब रेरा परियोजनाओं के निरस्तीकरण के बाद होने वाली प्रकिया को पूरा करने के लिए राज्य सरकार से परामर्श लेने की बात कही है। यह निर्णय बिल्डर प्रमोटर द्वारा संतोषजनक जवाब न देने के बाद लिया गया है।
रेरा चेयरमैन राजीव कुमार ने बताया कि आवंटियों से सूचना आई कि प्रमोटर द्वारा 606 करोड़ की गंभीर वित्तीय अनियमितता बरती गई। इसके अलावा शिकायताें में जमीन न होने पर गैर आवंटन, आवंटियों द्वारा जमा की गई राशि की वापसी न करना, बिक्री अनुबंध/आवंटन पत्र के नियमों और शर्तों का उल्लघंन करना शामिल है। पॉकेट थ्री के लिए चेयरमैन ने प्रमोटर को एक अलग खाते में तीन माह के भीतर 9.4 करोड़ की राशि जमा करने का आदेश दिया है। इस पैसा का उपयोग परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा। प्रमोटर पर रेरा की कई धाराओं के उल्लघंन में 161.65 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह परियोजना की कुल लागत का पांच फीसद है।

संसाधनों व धन का जमकर हुआ कुप्रबंधन
रेरा के मुताबिक फोरेंसिक ऑडिटर, मेसर्स करी एंड ब्राउंन के द्वारा ऑडिट करने पर कई जानकारियां सामने आई। एस्क्रो खाते और अर्ध वार्षिक प्रोजेक्ट के खाते में अंसल द्वारा गैर अनुपालनीय कार्य किए गए। ऑडिटर ने बताया कि अंसल ने अपनी योजनाओं को पूरा करने के बजाए योजना का विस्तार किया। इसके परिणामस्वरूप संसाधनों और धन का कुप्रबंधन हुआ। वर्तमान में फेस एक, दो में भूमि कई बैंकों में गिरवी रखी हुई है।
शिकायतकर्ताओं ने यह आरोप भी लगाए
प्रमोटर ने परियोजना को पूरा करने में समय का ध्यान नहीं रखा। प्रमोटर ने शेष कार्य को पूरा करने की तिथि चार से पांच साल की दी। परियोजना में कोई काम नहीं चल रहा था, इसलिए आवंटियों को रेरा में प्रमोटर द्वारा बताई गई तिथि पर भरोसा नहीं था। शेष निर्माण कार्य कब पूरा होगा, इसकी जानकारी असंल न रेरा को देता और न आवंटियों को। कुछ मामलों में प्रमोटर के पास परियोजना की जमीन तक नहीं है।इसके बाद भी आवंटन किया। काम शुरू नहीं किया और एक बड़ी राशि संबंधित संपत्ति की तुलना में ली। आवंटियों से लिया गया पैसा दूसरे कामों में लगा दिया। आवंटियों ने आरोप लगाया कि जीवन भर की कमाई लगाई, अब बैंक किस्तें व लोन साथ साथ देने पर मजबूर हैं। कुछ आवंटी कब्जा पाने के लिए तैयार हैं लेकिन एक निश्चित तिथि व विलंब के जुर्माना का भुगतान चाहते हैं।  

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button